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कार्रवाई: ईडी ने अटैच की फिनटेक कंपनियों की 6.17 करोड़ की रकम, जानें पूरा मामला
Wed, 27 Apr 2022 10:51 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 27 Apr 2022 10:51 PM IST
सार
एजेंसी ने कहा, चीनी नागरिकों के साथ मिलकर आरोपियों ने एप के माध्यम से अवैध लेनदेन, कर्ज देने और निवेश के लिए पैसा जुटाने के लिए बहुत से लोगों के नाम पर कई कंपनियां शुरू की। इन एप कंपनियों में कैश मास्टर, क्रैजी रुपी, कैशिन, रुपी मेन्यू शामिल हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा, उसने कई फिनटेक कंपनियों की 6.17 करोड़ की रकम अटैच की है। ईडी ने यह कार्रवाई कोविड के दौरान मोबाइल एप के माध्यम से ऊंची ब्याज दरों पर लोगों को कर्ज देने के धोखाधड़ी के मामले में की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी आदेश जारी कर इस रकम को अटैच किया गया। एजेंसी ने कहा, चीनी नागरिकों के साथ मिलकर आरोपियों ने एप के माध्यम से अवैध लेनदेन, कर्ज देने और निवेश के लिए पैसा जुटाने के लिए बहुत से लोगों के नाम पर कई कंपनियां शुरू की। इन एप कंपनियों में कैश मास्टर, क्रैजी रुपी, कैशिन, रुपी मेन्यू शामिल हैं।
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केरल: ईडी ने संपत्ति जब्त की
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बताया कि हाथी दांत तस्करी के लिए केरल में हाथियों का कथित रूप से शिकार करने के 2015 के मामले से जुड़े धन शोधन के मामले में कुछ लोगों की 79.23 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। केंद्रीय एजेंसी ने आरोपियों उमेश अग्रवाल और उनकी पत्नी, डी. राजन और उनकी पत्नी, अजी ब्राइट की पत्नी और प्रेस्टन सिल्वा की पत्नी के खिलाफ धन शोधन निषेध कानून (पीएमएलए) के तहत अस्थायी आदेश जारी किया गया है। केरल वन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थुंडाथिल जंगल क्षेत्र के एडामलयार और करीमपानी थानों में वन्यजीव संरक्षण कानून, 1972 और केरल वल अधिनियम, 1961 के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी का मामला इसी से जुड़ा है।
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