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Economic Survey 2020: वैश्विक सुस्ती के कारण भारत में आई मंदी, आर्थिक समृद्धि पर है अबकी जोर--CEA
Fri, 31 Jan 2020 02:47 PM IST
paliwal पालीवाल
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 31 Jan 2020 02:47 PM IST
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कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन
- फोटो : ANI
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आर्थिक सर्वे को पेश करने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यन ने कहा कि वैश्विक सुस्ती के कारण ही भारत में भी इसका असर देखने को मिला है। वहीं इस बार के सर्वे में पूरा जोर आर्थिक समृद्धि पर रखा है।
संसद में आर्थिक सर्वे के पेश होने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहाकार सुब्रमण्यन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिन कंपनियों ने 2008-12 के बीच सबसे ज्यादा उधार बैंकों से लिया था, उन्होंने 2013-17 के बीच सबसे कम निवेश किया। इसकी वजह से भी देश में सुस्ती देखने को मिली है। 2017 से सुस्ती का माहौल देश में देखने को मिल रहा है। निवेश न बढ़ने के कारण देश ऐसी हालत में पहुंच गया। अगर निवेश को बढ़ावा दिया जाता तो फिर हमें फिलहाल चल रही वैश्विक मंदी से किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता।
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सुब्रहमण्यन ने आगे कहा कि अगर विलफुल डिफॉल्टर घोटाला नहीं करते, तो सरकार के पास इतनी राशि होती, जिससे वो सोशल सेक्टर पर खर्च कर सकती थी।
अगर देश में सभी लोगों की आर्थिक समृद्धि होती है, तो फिर इसका अंत में देश को भी फायदा मिलेगा।
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CEA Krishnamurthy Subramanian: Economic Survey's theme this year is wealth creation. https://t.co/xF0Qqfjv0A
— ANI (@ANI) January 31, 2020विज्ञापन
संसद में आर्थिक सर्वे के पेश होने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहाकार सुब्रमण्यन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिन कंपनियों ने 2008-12 के बीच सबसे ज्यादा उधार बैंकों से लिया था, उन्होंने 2013-17 के बीच सबसे कम निवेश किया। इसकी वजह से भी देश में सुस्ती देखने को मिली है। 2017 से सुस्ती का माहौल देश में देखने को मिल रहा है। निवेश न बढ़ने के कारण देश ऐसी हालत में पहुंच गया। अगर निवेश को बढ़ावा दिया जाता तो फिर हमें फिलहाल चल रही वैश्विक मंदी से किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता।
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CEA Krishnamurthy Subramanian: Economic slowdown since 2017 due to the lagged effect of reduced investment from 2013 which occurred due to credit boom-bust pic.twitter.com/xjMNABYULm
— ANI (@ANI) January 31, 2020
सुब्रहमण्यन ने आगे कहा कि अगर विलफुल डिफॉल्टर घोटाला नहीं करते, तो सरकार के पास इतनी राशि होती, जिससे वो सोशल सेक्टर पर खर्च कर सकती थी।
Chief Economic Advisor Krishnamurthy Subramanian: If wealth had not been eroded by wilful defaulters, we could have spent almost double the amount on social sectors. #EconomicSurvey2020 pic.twitter.com/CZlQmDqP8F
— ANI (@ANI) January 31, 2020
अगर देश में सभी लोगों की आर्थिक समृद्धि होती है, तो फिर इसका अंत में देश को भी फायदा मिलेगा।