फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Discussion on Industrial Relations Code Amendment Bill in Lok Sabha, what is the purpose of changing the law?

Industrial Relations Code: लोकसभा में औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन बिल पारित, कानून में बदलाव का मकसद क्या?

Thu, 12 Feb 2026 12:20 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 12 Feb 2026 12:20 PM IST
सार

संसद में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक पारित हो गया। अनावश्यक जटिलताओं को खत्म करने के लिए केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे पेश किया था। आइए विस्तार से जानते हैं। 

विज्ञापन
Discussion on Industrial Relations Code Amendment Bill in Lok Sabha, what is the purpose of changing the law?
मनसुख मांडविया - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पारित हो गया। केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में इसे प्रस्तुत किया था। उन्होंने लोकसभा में कहा था कि इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 को 28 सितंबर 2020 को संसद द्वारा पारित किया गया था। इस कोड के लागू होने से पहले ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926; औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 प्रभावी थे। इन तीनों पुराने कानूनों को समाहित कर एकीकृत रूप में यह नया कोड लाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

अनावश्यक जटिलताओं से बचने के लिए संशोधन जरूरी

उन्होंने कहा कि नए कोड के लागू होने के साथ ही सरकार को इन पूर्ववर्ती अधिनियमों को निरस्त (रिपील) करने का अधिकार प्राप्त हुआ था और सरकार ने उन्हें निरस्त भी कर दिया है। अब उद्देश्य यह है कि इस संबंध में एक छोटा-सा संशोधन किया जाए, ताकि यह प्रावधान स्पष्ट रूप से अधिनियम का हिस्सा बन सके और किसी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता न रहे। उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि इस संशोधन को स्वीकार कर पारित किया जाए, ताकि कानून की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधेयक को लेकर क्या हुई चर्चा?

औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि देश में युवाओं के बीच बेरोजगारी दर चिंताजनक रूप से ऊंची है और ऐसे समय में रोजगार सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर किया जा रहा है। इसके जवाब में भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है। उन्होंने तर्क दिया कि संशोधन उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देगा और इससे रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed