Direct Tax collection: 24 प्रतिशत बढ़ा प्रत्यक्ष कर संग्रह, 8.98 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, एक अप्रैल से आठ अक्तूबर के बीच प्रत्यक्ष कर संग्रह में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
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वित्त मंत्रालय के मुताबिक, प्रत्यक्ष कर संग्रह में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसी के साथ यह बढ़कर 8.98 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ये आंकड़े एक अप्रैल से आठ अक्तूबर के बीच के हैं। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने बताया कि कॉरपोरेट आय पर कुल संग्रह एक अप्रैल से आठ अक्टूबर के बीच 16.74 प्रतिशत बढ़ा है। व्यक्तिगत आयकर संग्रह में 32.30 प्रतिशत का उछाल हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से आठ अक्टूबर, प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.98 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले साल की इसी अवधि के कर संग्रह से 23.8 प्रतिशत अधिक है। बयान में कहा गया है कि रिफंड को समायोजित करने के बाद प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.45 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो एक साल पहले की इसी अवधि के संग्रह से 16.3 प्रतिशत अधिक है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले महीने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अपने अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। अन्य रेटिंग एजेंसियों ने भी भू-राजनीतिक दबाव और सख्त होती वैश्विक वित्तीय स्थिति को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान में कमी की है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि कुल राजस्व संग्रह की बात की जाए, तो अभी तक कॉरपोरेट आयकर (सीआईटी) और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी और प्रतिभूति लेनदेन कर यानी एसटीटी सहित) की वृद्धि क्रमश: 16.73 प्रतिशत और 32.30 पर रही है।
रिफंड के समायोजन के बाद सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 16.29 प्रतिशत बैठती है। वहीं व्यक्तिगत आयकर संग्रह में वृद्धि 17.35 प्रतिशत (केवल पीआईटी) और एसटीटी के साथ 16.25 प्रतिशत बैठती है।
सीबीडीटी ने कहा कि एक अप्रैल, 2022 से आठ अक्टूबर, 2022 की अवधि के दौरान कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी किए गए रिफंड से 81 प्रतिशत अधिक है।
वस्तुओं के निर्यात में पिछले साल दर्ज हुई तेजी इस साल सितंबर में थमी है। सितंबर में वस्तुओं के निर्यात में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। चालू वित्त वर्ष के पहले छह माह में व्यापार घाटा करीब दोगुना हो गया है। जुलाई में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि सुस्त पड़कर 2.4 प्रतिशत रही है। वहीं अगस्त में बुनियादी उद्योग की वृद्धि नौ माह के निचले स्तर 3.3 प्रतिशत पर आ गई है।