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DHFL Money Laundering Case: यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को जमानत नहीं; कोर्ट ने कहा- उन पर लगे आरोप गंभीर
Thu, 04 May 2023 10:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 04 May 2023 10:34 PM IST
सार
इससे पहले विशेष पीएमएलए अदालत ने 12 अप्रैल को 200 करोड़ रुपये के ऋण के मामले में राणा कपूर को जमानत दे दी थी। हालांकि, कपूर जेल से बाहर नहीं आ पाए थे, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज कुछ अन्य मामलों में उन्हें जमानत नहीं मिली थी।
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राणा कपूर
- फोटो : SELF
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने डीएचएफएल धन शोधन मामले में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि राणा कपूर इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं।
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न्यायमूर्ति पीडी नाइक की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि राणा कपूर ने अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के लिए लाभ पहुंचाने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। उन रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इसके जरिए करीब 5,333 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोप यह भी है कि विदेशों में भी करीब 378 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इसकी जांच अभी जारी है।
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पीठ ने कहा कि वह अपराध में राणा कपूर की भूमिका और अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं कर सकती। आवेदक के खिलाफ आरोप यह है कि आवेदक सार्वजनिक धन की हेराफेरी में शामिल है। उसने कथित तौर पर डीएचएफएल के मालिकों के साथ बड़ी राशि की हेराफेरी करने की साजिश रची। हालांकि, आवेदक तीन साल से हिरासत में है। कोर्ट से कहा गया था कि वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। राणा कपूर ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि वह मार्च 2020 से हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई शुरू होने में लंबा समय लगेगा। ऐसे में उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है।
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क्या है मामला?
2018 में यस बैंक ने कथित तौर पर डीएचएफएल की अल्पकालिक डिबेंचर में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसने डीएचएफएल की सहायक कंपनी को 750 करोड़ रुपये का ऋण भी मंजूर किया। आरोप है कि राणा कपूर ने कथित तौर पर डीओआईटी अर्बन वेंचर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को ऋण देकर 600 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस कंपनी पर आरएबी एंटरप्राइजेज का अधिकार था। आरएबी एंटरप्राइजेज पर राशि कपूर की पत्नी और बेटियों का स्वामित्व था। उनकी पहली जमानत अर्जी फरवरी 2021 में उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी थी। कपूर ने दूसरी जमानत अर्जी इस आधार पर दायर की थी कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अधिकतम सजा सात साल की होती है और वह बीते तीन साल से हिरासत में हैं।
200 करोड़ रुपये के ऋण मामले में मिली थी जमानत
इससे पहले विशेष पीएमएलए अदालत ने 12 अप्रैल को 200 करोड़ रुपये के ऋण के मामले में राणा कपूर को जमानत दे दी थी। अदालत ने जमानत देते हुए कहा था कि बिना मुकदमे के आगे कैद की अनुमति केवल सीबीआई के इन शब्दों के आधार पर नहीं दी जा सकती है कि जांच लंबित है। हालांकि, कपूर जेल से बाहर नहीं आ पाए थे, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज कुछ अन्य मामलों में उन्हें जमानत नहीं मिली थी।