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Wheat Exports: गेहूं के निर्यात को लेकर DGFT का निर्देश, कहा- सभी दस्तावेजों का किया जाए भौतिक सत्यापन
Tue, 31 May 2022 04:18 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 31 May 2022 04:18 PM IST
सार
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने क्षेत्रीय अधिकारियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने से पहले गेहूं के निर्यात के लिए सभी दस्तावेजों को भौतिक रूप से सत्यापित करने के लिए निर्देशित किया है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से यह जानकारी साझा की गई।
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गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गेहूं के निर्यात में हो रही धांधली पर विदेश व्यापार निदेशालय (डीजीएफटी) ने बड़ा फैसला लिया है। इसने अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा है कि निर्यात के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) जारी करने से पहले उसके सभी कागजातों का भौतिक सत्यापन किया जाए।
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वाणिज्य मंत्रालय के आदेश पर यह काम किया गया है। अब देश से बाहर गेहूं भेजने वालों को 13 मई या उससे पहले के लेटर ऑफ क्रेडिट (एलओसी) के साथ विदेशी बैंक के साथ हुई बातचीत की तारीख भी बतानी होगी। अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो इसकी सीबीआई जांच कराई जाएगी।
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13 मई से निर्यात पर प्रतिबंध
डीजीएफटी ने सोमवार और मंगलवार को दो नोटिस जारी किया। इसने कहा कि सरकार ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। पर उसके पहले जिन निर्यातकों ने एलओसी हासिल किया है, वे ही निर्यात कर पाएंगे। नोटिस के मुताबिक कुछ निर्यातकों की ओर से फर्जी आरसी मिली थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है।
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मंजूरी मिली हो या प्रक्रिया में हो, सत्यापन होगा
डीजीएफटी ने कहा कि निर्यातकों को मंजूरी मिली हो या मंजूरी प्रक्रिया में हो, दोनों स्थितियों में कागजात का सत्यापन होगा। जरूरत हुई तो पेशेवर एजेंसी की भी मदद ली जाएगी। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से भी कराई जाएगी, और इसमें बैंकर अगर गलत पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।