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LPG: 'क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सामान्य', सरकार ने बताया
Tue, 21 Apr 2026 05:01 PM IST
Riya Dubey
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Riya Dubey
Updated Tue, 21 Apr 2026 05:01 PM IST
सार
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमत जनवरी के 63 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर अप्रैल में 116 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। इसके बावजूद सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और PNG की आपूर्ति सामान्य है, पेट्रोल पंपों पर कोई कमी नहीं है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
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सुजाता शर्मा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को बताया कि जनवरी में भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत करीब 63 डॉलर प्रति बैरल थी, जो मार्च में बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। अप्रैल में इसका औसत मूल्य लगभग 116 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया है।
हालांकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार ने कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में अब भी सबसे कम स्तरों में शामिल हैं।
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सरकार ने कहा कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर किसी भी उत्पाद की कमी नहीं है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अनियमितताओं को रोकने के लिए सोमवार को 2,200 से अधिक औचक निरीक्षण और छापेमारी भी की गई।
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हालांकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार ने कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में अब भी सबसे कम स्तरों में शामिल हैं।
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एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में कुछ आई गिरावट
एलपीजी आपूर्ति पर उन्होंने कहा कि घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य है और किसी भी वितरक के यहां कमी की शिकायत नहीं मिली है। वर्तमान में गैस सिलेंडर डिलीवरी दक्षता 93 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग में कुछ गिरावट आई है और यह फिलहाल 45 से 46 लाख प्रतिदिन के दायरे में है, जबकि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति लगभग पूरी तरह बहाल हो चुकी है।
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छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई गई
सरकार ने प्रवासी आबादी को राहत देने के लिए पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता भी बढ़ाई है। 3 अप्रैल से अब तक 7,400 जागरूकता शिविर लगाए गए हैं और 1.07 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सामान
प्राकृतिक गैस आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है। घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और सीएनजी परिवहन की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखी गई है। अब तक 5.68 लाख नए उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 39,400 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पीएनजी अपनाया है।सरकार ने कहा कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर किसी भी उत्पाद की कमी नहीं है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अनियमितताओं को रोकने के लिए सोमवार को 2,200 से अधिक औचक निरीक्षण और छापेमारी भी की गई।
डेयरी क्षेत्र को लेकर क्या बताया गया?
इस बीच पशुपालन एवं डेयरी विभाग की निदेशक पूजा रुस्तगी ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि डेयरी क्षेत्र को ईंधन, गैस और प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्पादन, परिवहन और वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के असर पर लगातार नजर रखी जा रही है और घरेलू ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।भारत और सिंगापुर डिजिटल कॉरिडोर और ग्रीन शिपिंग के रोडमैप पर कर रहे काम
सिंगापुर, भारत और सिंगापुर डिजिटल कॉरिडोर सहयोग और हरित शिपिंग के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने हेतु एक रोडमैप पर काम कर रहे हैं। यह जानकारी मंगलवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने बताया कि यह रोडमैप वैश्विक डीकार्बोनाइजेशन पहलों के अनुरूप दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग का हिस्सा है, क्योंकि विश्व के समुद्री उद्योग पर्यावरण के अनुकूल बनने का प्रयास कर रहे हैं। कुमार ने 20 से 24 अप्रैल तक आयोजित सिंगापुर समुद्री सप्ताह में पीटीआई को बताया, "बुनियादी ढांचे के विवरण सहित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।"
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