Go First: गो फर्स्ट के पट्टेदारों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, पट्टे पर दिए गए 30 विमानों का कर सकेंगे निरीक्षण
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दिल्ली उच्च न्यायालय की एक पीठ ने परिचालन से बाहर चल रहे गो फर्स्ट के पट्टेदारों को पहली राहत देते हुए उन्हें अपने विमानों का निरीक्षण करने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति तारा वितस्ता गंजू की एकल पीठ ने बुधवार को नागरिक उड्डयन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और संबंधित हवाई अड्डा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पट्टेदारों को अगले तीन दिनों के भीतर मुंबई मुख्यालय वाले एलसीसी के साथ पट्टे पर लिए गए 30 विमानों का निरीक्षण करने की अनुमति दें।
महीने में कम से कम दो बार अपने विमानों का कर सकेंगे निरीक्षण
पीठ ने कहा कि रिट याचिका के अंतिम निपटारे तक अंतरिम रखरखाव करने के लिए पट्टेदारों को डीजीसीए और संबंधित हवाई अड्डा अधिकारियों की ओर से महीने में कम से कम दो बार अपने विमानों तक पहुंच प्रदान की जाएगी। पीठ ने गो फर्स्ट और दिवाला समाधान पेशेवर (आईआरपी) को संबंधित पट्टेदार की पूर्व लिखित मंजूरी के बिना विमान के किसी भी हिस्से या मैनुअल को हटाने, बदलने या निकालने से रोक दिया। पीठ ने आगे कहा कि पक्षकार किसी भी अतिरिक्त प्रार्थना या चिंताओं पर एक आवेदन दायर कर सकते हैं।