{"_id":"5f2a7b5a6df4732adf3927ce","slug":"data-of-checking-the-income-tax-returns-came-down-during-assessment-year-2018-to-2019","type":"story","status":"publish","title_hn":"2018-19 में 0.25 फीसदी पर आ गया आयकर रिटर्न की जांच का आंकड़ा: वित्त मंत्रालय","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
2018-19 में 0.25 फीसदी पर आ गया आयकर रिटर्न की जांच का आंकड़ा: वित्त मंत्रालय
Wed, 05 Aug 2020 02:56 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 05 Aug 2020 02:56 PM IST
विज्ञापन
आयकर विभाग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्त मंत्रालय का कहना है कि जांच पड़ताल के लिए उठाई जाने वाली आयकर रिटर्न (आईटीआर) का आंकड़ा 2018-19 में कुल दायर आयकर रिटर्न के मुकाबले घटकर 0.25 फीसदी रह गया। इससे पहले 2017-18 में यह अनुपात 0.55 फीसदी था।
विज्ञापन
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार रात जारी ट्वीट में कहा कि, 'आयकर विभाग अब केवल आयकर कानून का प्रवर्तन करने वाली इकाई से आगे बढ़कर कर भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाने वाले विभाग के तौर पर अपने में बदलाव ला रहा है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए पिछले कुछ सालों के दौरान जांच के लिए चुनी जाने वाली आयकर रिटर्न की संख्या में भारी कमी आई है।'
विज्ञापन
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आकलन वर्ष 2015-16 में जांच के लिए चुनी गई कुल रिटर्न की संख्या 0.71 फीसदी थी जो कि 2016-17 में कम होकर 0.40 फीसदी, 2017- 18 में 0.55 फीसदी और 2018-19 में 0.25 फीसदी रह गई। मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों में दाखिल आयकर रिटर्न की संख्या और कुल दाखिल रिटर्न में से जांच के लिए चुनी गई आईटीआर का फीसदी दिया गया है।
विज्ञापन
इसके मुताबिक आकलन वर्ष 2018-19 में दाखिल कुल रिटर्न की संख्या 2017-18 के मुकाबले बढ़ी है। इन आंकड़ों के मुताबिक ओडिशा में आकलन वर्ष 2018-19 के दौरान जांच के लिए उठाये गए मामलों की संख्या घटकर 0.12 फीसदी रह गई जो कि एक साल पहले 0.37 फीसदी पर थी।
पंजाब में यह इस अवधि में 0.40 फीसदी से घटकर 2018- 19 में 0.14 फीसदी रह गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ओडिशा में 2018- 19 में 10.29 लाख आईटीआर दाखिल किए गए जबकि 2017- 18 में इनकी संख्या 8.31 लाख रही थी।
वहीं पंजाब में इस अवधि में क्रमश: 27.65 लाख और 23.44 लाख रिटर्न दाखिल की गई। पश्चिम बंगाल में आकलन वर्ष 2018-19 में 38.93 लाख आईटीआर दाखिल किए गए जबकि इससे पिछले वर्ष इस राज्य से 33.64 लाख आईटीआर दाखिल किये गये थे।