फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   DAC not mandatory do not get disturbed if mobile number is not linked with gas connection

गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है मोबाइल नंबर, तो भी मिलेगा सिलिंडर, DAC फिलहाल अनिवार्य नहीं

Mon, 02 Nov 2020 01:13 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 02 Nov 2020 01:13 PM IST
विज्ञापन
DAC not mandatory do not get disturbed if mobile number is not linked with gas connection
रसोई गैस का सिलिंडर - फोटो : iStock

तेल कंपनियों ने एक नवंबर 2020 से देश में बदलने वाला रसोई गैस सिलिंडर (LPG) से जुड़ा एक अहम, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) फिलहाल के लिए टाल दिया है। इसलिए यदि किसी उपभोक्ता का मोबाइल नंबर गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, करीब 30 फीसदी ग्राहक पहले से ही इसका उपयोग कर रहे हैं।

विज्ञापन


इस संदर्भ में तेल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीएसी जारी रहेगी, पर यह अनिवार्य नहीं है। यानी अगल किसी ग्राहक का मोबाइल नंबर गैस कनेक्शन के साथ लिंक नहीं है, तो उसके मोबाइल पर डीएसी नहीं आएगा। तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए इसे फिलहाल के लिए अनिवार्य नहीं किया गया है। जबकि पहले कंपनियों ने एक नवंबर से दिल्ली-एनसीआर और 100 स्मार्ट सिटी में सिलिंडर की डिलीवरी के लिए एक नवंबर से ग्राहकों को डीएसी कोड दिखाना अनिवार्य किया था। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है डीएसी कोड? 
डीएसी कोड के जरिए सिर्फ बुकिंग कराने पर ही आपको सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिलेगी। इसके लिए आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाएगा, उस कोड को आपको डिलीवरी ब्वाय को बताना होगा। ऐसा करने पर ही ग्राहकों को रसोई गैस सिलिंडर मिलेगा। इसलिए अगर किसी ग्राहक का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, तो वे एप के जरिए अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। यह एप डिलीवरी ब्वाय के पास भी उपलब्ध होगा। नंबर अपडेट कराने के बाद कोड जनरेट हो जाएगा।


इन ग्राहकों की बढ़ेंगी दिक्कतें
इस व्यवस्था से ऐसे लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, जिन्होंने पेट्रोलियम कंपनी के साथ अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया है। नए नियम से जिन ग्राहकों ने अपना पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराया हुआ है, उन्हें दिक्क हो सकती है। गलत जानकारी के चलते उनकी डिलीवरी रोकी जा सकती है। यह सिस्टम कमर्शियल सिलिंडर पर लागू नहीं होगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस की डिलीवरी किसी गलत व्यक्ति को नहीं हुई है। गैस सिलिंडर की चोरी रोकने के लिए और ग्राहकों की पहचान के लिए कंपनियों ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड सिस्टम को अनिवार्य किया था। 
सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी
मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed