Crude OIL Price: कच्चे तेल के कीमत में लगी आग, 2014 के बाद पहली बार 90 डॉलर के पार, ये है इजाफे की बड़ी वजह
Oil Breaks 90 bbl For First Time Since 2014: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 2014 के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल का भाव अपने सात साल के उच्चतम स्तर 90 डॉलर को पार कर गया है। कच्चे तेल में 1 दिसंबर के बाद से अब तक 32 फीसदी का उछाल आ चुका है। इस दौरान भाव 22 डॉलर प्रति बैरल तक उछल चुका है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 2014 के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल का भाव अपने सात साल के उच्चतम स्तर 90 डॉलर को पार कर गया है। कच्चे तेल में 1 दिसंबर के बाद से अब तक 32 फीसदी का उछाल आ चुका है। इस दौरान भाव 22 डॉलर प्रति बैरल तक उछल चुका है।
2023 तक 100 डॉलर के पार होगा
कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर के ऊपर निकल चुका है। इस संबंध में जारी एक पूर्व रिपोर्ट की मानें तो जनवरी में यह लगातार ऊपर जा रहा है। संभावना है कि साल 2023 तक क्रूड की कीमतें 100 डॉलर या ऊपर जा सकती हैं। गौरतलब है कि पिछले एक साल में डिमांड में आए उछाल के कारण कीमत में करीब 64 फीसदी की तेजी आई है।
रूस-यूक्रेन मामले का अहम रोल
रिपोर्ट में कच्चे तेल के दाम में लगी इस आग के लिए रूस और यूक्रेन के बीच तंग आपूर्ति और बढ़ते राजनीतिक तनाव से उपजी चिंताओं को जिम्मेदार ठहराया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव बढ़ने के दो प्रमुख कारण बताए गए हैं। यूक्रेन को लेकर एक तरफ रूस है और दूसरी तरभ पश्चिमी देश हैं। रूस ने यूक्रेन की सीमा पर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को लगा दिया है, जबकि अमेरिका इसका विरोध कर रहा है।
तीन महीने से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम एक ओर जहां कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर देश में पिछले तीन महीनों से पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर बने हुए हैं, यानी इनकी कीमत में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रमुख वजह आने वाले दिनों में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। उम्मीद है कि जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाता है, पेट्रोल-डीजल के भाव में नहीं बदलेंगे।