{"_id":"6076fb01e7864b493b788036","slug":"coronavirus-surge-causes-recovery-worries-and-hits-economy-growth-forecast-here-is-all-you-need-to-know","type":"story","status":"publish","title_hn":"संकट में अर्थव्यवस्था: कोरोना की दूसरी लहर ने गिराए विकास के अनुमान, जानिए क्या हैं हालात","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
संकट में अर्थव्यवस्था: कोरोना की दूसरी लहर ने गिराए विकास के अनुमान, जानिए क्या हैं हालात
Wed, 14 Apr 2021 08:48 PM IST
गौरव पाण्डेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 14 Apr 2021 08:48 PM IST
सार
बीते सोमवार को जापान के इन्वेस्टमेंट और ब्रोकरेज नोमुरा ने कहा था कि वह साल 2021 में भारत के लिए अपनी वृद्धि दर को 12.4 फीसदी से घटाकर11.5 फीसदी कर दिया है। इसके एक दिन बाद ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भी अर्थव्यवस्था पर कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के असर को लेकर चेतावनी दी।
विज्ञापन
कोरोना के बढ़ते मामले अर्थव्यवस्था पर डाल सकते हैं असर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश के कई राज्यों में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों ने अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। निवेश बैंक अपने ग्रोथ प्रोजेक्शन को कम कर रहे हैं जबकि अन्य दूसरी लहर और इसे असर को लेकर चिंता जता रहे हैं। देश में कोरोना की दूसरी लहर ऐसे समय पर आई है जब अर्थव्यवस्था पिछले साल महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के असर से उबर रही थी। अनुमान लगाए जा रहे थे कि जल्द ही इसमें उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा, लेकिन वर्तमान स्थितियां कुछ और ही कहानी कह रही हैं।
विज्ञापन
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार गोल्डमैन सैश पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी की रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि इसके अर्थशास्त्रियों ने अपने कुल सालाना जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 10.9 फीसदी से घटाकर 10.5 फीसदी कर दिया है। गोल्डमैन सैश की रिपोर्ट के अनुसार, 'हमारे अर्थशास्त्री मानते हैं कि प्रसार को रोकने के लिए लगाए जाने वाले प्रतिबंध कुछ खास सेवाओं को अधिक प्रभावित करेंगे (जैसे कि खाने-पीने की वस्तुएं, मनोरंजन और यातायात) वहीं, निर्माण कार्य और उत्पादन पर इनका सीमित असर होगा।'
विज्ञापन
मूडीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 'कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने हमारे वृद्धि के अनुमानों पर संकट पैदा कर दिया है क्योंकि महामारी को रोकने के लिए प्रतिबंधों को फिर से लागू करने पर आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ेगा और इससे बाजार और ग्राहकों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। 24 फरवरी के मुकाबले सात अप्रैल तक भारत में खुदरा और मनोरंजन गतिविधियां 25 फीसदी तक कम हो गई हैं। इसका उल्लेख भारतीय रिजर्व बैंक की मार्च में आई कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में किया गया था।'
विज्ञापन
वित्त क्षेत्र की दिग्गज बार्क्लेज का कहना है कि महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे आर्थिक हब माने जाने वाले राज्यों में लोगों की आवाजाही पर वर्तमान प्रतिबंधों से जीडीपी को साप्ताहिक रूप से 1.3 बिलियन डॉलर तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, अगर वर्तमान स्थितियां मई अंत तक रहीं तो कुल नुकसान 10.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। बार्क्लेज ने अपना वृद्धि अनुमान 11 फीसदी पर बरकरार रखा है लेकिन चेतावनी दी है कि अगर प्रतिबंध और सख्त हुए तो हमें खतरे का सामना करना पड़ सकता है।