फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Coronavirus impact deeper economic downturn than the 2007 recession according to World Bank

कोरोना का असर: विश्व बैंक को 2007-09 की मंदी से भी गंभीर आर्थिक संकट की आशंका

Sat, 18 Apr 2020 10:52 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 18 Apr 2020 10:52 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus impact deeper economic downturn than the 2007 recession according to World Bank

विश्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट के बारे में कहा कि आकलनों से इसके 2007-09 की आर्थिक मंदी से गंभीर होने की आशंकाएं प्रतीत हो रही हैं। 

विज्ञापन


गरीब देशों में ज्यादा होगा असर
विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ सालाना ग्रीष्मकालीन बैठक के दौरान कहा कि कोरोना वायरस के कारण सामने आए आर्थिक संकट को पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है, लेकिन गरीब देशों तथा वहां के लोगों पर इसका अधिक असर देखने को मिलेगा। 
विज्ञापन


गरीब देशों की मदद करता है आईडीए 
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) से सहायता के पात्र देशों में दुनिया की सर्वाधिक गरीब आबादी का दो-तिहाई हिस्सा रहता है। इनके ऊपर इस संकट का सर्वाधिक असर होगा। आईडीए विश्व बैंक का एक हिस्सा है और यह गरीब देशों की मदद करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


2007-09 की आर्थिक मंदी से होगा भयानक
विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी का स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर पड़ने वाले असर के अतिरिक्त हम वृहद वैश्विक आर्थिक मंदी का अनुमान लगा रहे हैं। उत्पादन, निवेश, रोजगार और व्यापार में गिरावट को देखते हुए हमारे आकलन से लगता है कि यह 2007-09 की आर्थिक मंदी से भयानक होगा।’’ 

अप्रैल में 100 देशों की मदद करने का अनुमान
उन्होंने कहा कि हमने अभी तक 64 विकासशील देशों की मदद की है और हमें अप्रैल के अंत तक 100 देशों की मदद करने का अनुमान है। विश्व बैंक अगले 15 महीने में 160 अरब डॉलर की मदद करने में सक्षम है। इसमें आईडीए सस्ती दरों पर 50 अरब डॉलर की मदद उपलब्ध कराएगा। 

तीन सिद्धांतों पर आधारित है कोविड-19 मदद कार्यक्रम
मालपास ने कहा कि कोविड-19 मदद कार्यक्रम गरीब परिवारों को बचाने, कंपनियों को सुरक्षा प्रदान करने और नौकरियां बचाने के तीन सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ऋण सुविधा गरीब देशों की मदद करने का सबसे प्रभावी तरीका है। 


इससे पहले आईएमएफ भी यह आशंका व्यक्त कर चुका है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण जो आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है, यह 1930 के दशक की महान आर्थिक मंदी के बाद का सबसे गंभीर वैश्विक आर्थिक संकट हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed