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म्यूचुअल फंड निवेश: महामारी में भी पैसे बचाने का बना पसंदीदा साधन, पहली लहर के दौरान 72 फीसदी लोगों ने चुना
Fri, 08 Oct 2021 04:15 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 08 Oct 2021 04:15 AM IST
सार
फिनडोक समूह ने निवेश को लेकर 10,000 से ज्यादा मौजूदा ग्राहकों से बातचीत के आधार पर एक सर्वे किया। सर्वे में शामिल उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्होंने निवेश के लिए जिन साधनों का चुनाव किया, उनमें म्यूचुअल फंड सबसे बेहतर विकल्प है।
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म्यूचुअल फंड निवेश (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऊंचे रिटर्न की वजह से म्यूचुअल फंड महामारी में भी निवेश का सबसे आकर्षक साधन बना हुआ है। इसके बाद लोगों ने इक्विटी में निवेश किया है। वित्तीय सलाहकार कंपनी फिनडोक समूह के सर्वे के मुताबिक, करीब 72 फीसदी लोगों ने महामारी की पहली लहर के दौरान निवेश के लिए म्यूचुअल फंड का विकल्प चुना।
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यह सर्वे समूह के 10,000 से ज्यादा मौजूदा ग्राहकों से बातचीत पर आधारित है। इनमें करीब 63 फीसदी लोगों ने इन फंडों में निवेश करने के अपने फैसले पर खुशी जताई है। सर्वे में शामिल उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्होंने निवेश के लिए जिन साधनों का चुनाव किया है, उनमें म्यूचुअल फंड के बाद इक्विटी सबसे बेहतर विकल्प है। फनडोक समूह के प्रबंध निदेशक हेमंत सूद ने कहा कि सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि इक्विटी के बाद म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे पसंदीदा साधन रहा है। बेहतर रिटर्न की वजह से इसमें आगे भी तेजी आने की संभावना है।
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शेयर बाजार में कंपनियों के साथ धोखाधड़ी में वृद्धि
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य एसके मोहंती ने बृहस्पतिवार को कहा कि शेयरों में खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के बीच धोखाधड़ी की सूचना देने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ना एक खतरनाक प्रवृत्ति है।इसमें कमी लाने के लिए प्रयास करने की जरूरत है।
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एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 65 फीसदी कंपनियों ने इस साल धोखाधड़ी की घटनाओं की सूचना दी है। इसकी प्रमुख वजह संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच है। इसे रोकने के लिए सेबी ने पिछले साल सामान्य जांच विभाग से एक अलग कॉरपोरेट धोखाधड़ी जांच विभाग बनाया है।