फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Savings of 30 crore policyholders being used to benefit Adani, Congress accuses government

LIC Row: '30 करोड़ पॉलिसीधारकों की बचत का इस्तेमाल अदाणी को लाभ पहुंचाने के लिए', कांग्रेस का सरकार पर आरोप

Sat, 25 Oct 2025 12:39 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Sat, 25 Oct 2025 12:39 PM IST
सार

कांग्रेस ने अदाणी समूह में एलआईसी के निवेश को लेकर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक धन को चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को फायदा पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया और इससे पॉलिसीधारकों को भारी नुकसान हुआ।

विज्ञापन
Savings of 30 crore policyholders being used to benefit Adani, Congress accuses government
जयराम रमेश, नेता, कांग्रेस - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी मीडिया के उस दावे को एलआईसी ने पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें बताया गया था कि निगम ने अदाणी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए 32,000 करोड़ का निवेश किया था। दावे को आधार बनाकर कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर दावा गलत है तो एलआईसी ने निवेश  क्यों किया। इन आरोपों को खारिज करते हुए एलआईसी ने साफ किया कि सभी फैसले बोर्ड की नीति के अनुसार और स्वतंत्र रूप से लिए गए। निवेश से पहले पूरी तरह जांच पड़ताल की गई है।

विज्ञापन


आरोपों पर शनिवार को एलआईसी ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई दस्तावेज या योजना कभी तैयार नहीं की गई। एलआईसी ने दोहराया कि वित्तीय सेवा विभाग या किसी अन्य संस्था का निवेश निर्णयों में कोई रोल नहीं है। एलआईसी ने कहा कि वर्षों से वह कंपनियों में निवेश के निर्णय उनके फंडामेंटल और विस्तृत जांच-पड़ताल के आधार पर लेता रहा है। 2014 से 2025 तक भारत की टॉप 500 कंपनियों में एलआईसी का निवेश दस गुना बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये से 15.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो मजबूत फंड प्रबंधन को दर्शाता है। एलआईसी ने यह भी कहा कि निवेश की पूरी प्रक्रिया सभी नियमों, कानून और नियामक दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है और यह सभी हितधारकों के सर्वोत्तम हित में है। 
विज्ञापन


अन्य कंपनियों में भी एलआईसी का निवेश
एलआईसी के मुताबिक, मई 2025 में उसने अदाणी पोर्ट्स एंड सेज (एपीसेज) में 57 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। एलआईसी का अदाणी समूह में निवेश कुल ऋण का 2 प्रतिशत से कम है। एलआईसी ने स्पष्ट किया कि अदाणी स्टॉक्स में उसका निवेश 4 प्रतिशत है, जबकि रिलायंस में 6.94 प्रतिशत, आईटीसी में 15.86 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 4.89 प्रतिशत और एसबीआई में 9.59 प्रतिशत है। टीसीएस में एलआईसी का निवेश 5.02 प्रतिशत है, जिसकी कीमत 5.7 लाख करोड़ रुपये है। एलआईसी ने कहा कि रिपोर्ट में निवेश निर्णय को बदनाम करने और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मित्र की जेब भरने में लगी सरकार : खरगे
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर विपक्ष खासकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच लोक लेखा समिति (पीएसी) से कराने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, सरकार की डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना का असली फायदा आम जनता को नहीं, बल्कि मोदी के करीबी मित्रों को हो रहा है। क्या एलआईसी की 30 करोड़ पॉलिसी धारकों की मेहनत की कमाई को अदाणी समूह के राहत पैकेज (बेलआउट) में इस्तेमाल करना विश्वासघात और लूट नहीं है। मई 2025 में एलआईसी का पैसा अदाणी की कंपनियों में निवेश क्यों किया गया और 32,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना क्यों बनाई गई।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed