उद्योग जगत के अपराध कम करने वाला कंपनी संशोधन विधेयक 2020 पेश, विपक्ष ने किया विरोध
इस बिल को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष ने दावा किया कि सरकार केवल उद्योग जगत को खुश करना चाहती है। वहीं, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने जवाब दिया कि फर्जीवाड़े जैसे अपराधों को खत्म नहीं किया जाएगा।
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कंपनी कानून में संशोधन और इसके अंतर्गत आने वाले अपराधों को कम करने वाला कंपनी संशोधन विधेयक 2020 मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। हालांकि कांग्रेस, डीएमके और बीजद सांसदों ने बिल का विरोध करते हुए हंगामा किया।
विधेयक पेश करते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, सरकार ऐसे किसी भी अपराध को खत्म नहीं करना चाहती जिनसे जनता को नुकसान पहुंचाया जाता है या फर्जीवाड़े होते हैं। इसके जरिये किसी सूरत में गैर संयोजनीय अपराधों को कम नहीं करना चाहती है।
लेकिन विपक्ष इसके विरोध पर अड़ा रहा। यस बैंक संकट का हवाला देते हुए विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए कारपोरेट जगत को खुश करना चाहती है। विपक्ष ने बिल को जांच के लिए स्थायी समिति के पास भेजने की मांग रखी।
यस बैंक संकट के बीच यह बिल क्यों : बीजद सांसद
बीजद सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा, सरकार इसके जरिये कुछ अपराधों को खत्म करना चाहती है और दूसरे अपराधों के लिए सजा को घटाना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिल ऐसे समय ही क्यों लाया जा रहा है जब एक बड़ा निजी बैंक संकट से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तकों की हरकतों के चलते कई कंपनियां अपना बोरिया बिस्तर समेट रही हैं। महताब से सुर मिलाते हुए टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, साफ प्रतीत होता है कि सरकार उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से खासा प्रभावित है और उन्हें खुश करने के लिए यह बिल लाई है।
सौगत ने कहा कि यस बैंक के सीईओ ईडी की हिरासत में हैं और सरकार कुछ अपराधों को कम या खत्म करने की जुगत लगा रही है और इसे व्यापार सुगमता का नाम दिया जा रहा है।
‘उद्योग से और उद्योग के लिए’ है ये सरकार : चौधरी
बिल लाने के लिए केंद्र पर निशाना साधते हुए लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ये सरकार उद्योग से और उद्योग के लिए है। इसे उद्योगपतियों के अलावा और कोई नहीं दिखता। सरकार उद्योग जगत की सामाजिक जिम्मेदारियों को लगातार कमतर कर रही है ताकि कारपोरेट जगत को खुश कर सके।