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Oil Import: 'तेल आयात का फैसला कंपनियां खुद करती हैं', रूसी तेल प्रतिबंधों के बीच बीपीसीएल का बयान

Wed, 29 Oct 2025 12:23 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 29 Oct 2025 12:23 PM IST
सार

अमेरिका की ओर से रूसी तेल प्रतिबंधों के बीच बीपीसीएल का बयान आया है। अधिकारी ने बताया कि तेल रिफाइनरी के लिए तकनीकी-व्यावसायिक रूप से सबसे अधिक व्यवहार्य होता है, केवल बीपीसीएल ही नहीं, बल्कि हर रिफाइन उसे खरीदता है। इसलिए यही हमारा रुख है, चाहे वह रूसी तेल हो या कोई भी अन्य तेल। हम इसी तरह काम करते हैं।

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Companies decide on oil imports themselves, BPCL says amid Russian oil sanctions
crude oil - फोटो : Adobestock

विस्तार

सरकारी तेल विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कहा है कि उसकी कच्चे तेल की खरीद पूरी तरह टेक्नो-कमर्शियल वायबिलिटी पर आधारित होती है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह रूस सहित दुनिया के हर भौगोलिक क्षेत्र से कच्चा तेल खरीदती है।

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बीपीसीएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक संजय खन्ना के अनुसार, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में रामायपटनम पोर्ट के पास प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के लिए वर्तमान में विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (डीएफआर) तैयार की जा रही है। साथ ही परियोजना के लिए जरूरी पर्यावरणीय मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया भी जारी है।

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तेल रिफाइनरी का तकनीकी-व्यावसायिक आधार पर होता है

खन्ना ने कहा कि हम हर क्षेत्र से तेल खरीदते हैं और, जो तेल रिफाइनरी के लिए तकनीकी-व्यावसायिक रूप से सबसे अधिक व्यवहार्य होता है, केवल बीपीसीएल ही नहीं, बल्कि हर रिफाइन उसे खरीदता है। इसलिए यही हमारा रुख है, चाहे वह रूसी तेल हो या कोई भी अन्य तेल। हम इसी तरह काम करते हैं। जो भी हमें कंपनी के लिए सबसे अधिक मूल्य दे रहा है, वह विश्वसनीय संचलान सुनिश्चित करता है। 

कच्चे तेल के आयात का फैसला कंपनी लेती है

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को रूस से कच्चे तेल के आयात पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि ये निर्णय देश स्तर पर नहीं, बल्कि संबंधित कंपनी स्तर पर लिए जाते हैं।

कंपनियां कानून के अनुरूप लेती हैं निर्णय

अधिकारी ने बताया कि कंपनियां कानून के अनुरूप ही यह निर्णय लेती हैं कि सबसे किफायती तेल कौन सा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की ओर से किसी भी कच्चे तेल के आयातक को यह निर्देश नहीं दिया गया है कि वे रूस से तेल खरीदें या नहीं। खन्ना ने आगे कहा कि 2070 तक देश के लिए नेट जीरो के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, बीपीसीएल ने 2040 तक नेट जीरो की एक विस्तृत योजना तैयार की है।

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