जियो की पीएमओ से शिकायत पर मुकेश ने साधा सीओएआई पर निशाना
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सीओएआई के पीएमओ को रिलायंस जियो के खिलाफ खत लिखे जाने पर मुकेश अंबानी ने सीओएआई के कामकाज की आलोचना की है। गौरतलब है कि ये देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था है।
अंबानी ने कहा कि वह इस के कार्य करने के तरीके में 'लोकतंत्र' लाएंगे। अंबानी ने कहा, 'कुछ महीनों पहले तक मुझे अहसास नहीं था कि यह है तो एसोसिएशन है, लेकिन मेंबर्स की वोटिंग उनकी कमाई पर निर्भर करती है। हमारे पास जीरो रेवेन्यू है, लिहाजा हमारी बात का वजन ही नहीं है।
यह भले ही सीओएआई है, लेकिन यह एक या दो ऑपरेटरों का ही नजरिया पेश करती है, न कि पूरी इंडस्ट्री का।' अंबानी ने कहा कि अगर टॉप दो ऑपरेटरों के पास 51 पर्सेंट हिस्सा तो 'एसोसिएशन का ऑफिशल तो टॉप दो या तीन ऑपरेटरों का कर्मचारी जैसा हो जाता है। जब हमारे पास अच्छी आमदनी होगी तो हम इसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। इसकी मैं गारंटी दे रहा हूं।'
सीओएआई रिलायंस जियो कनेक्शन को प्रतिस्पर्धा के खिलाफ करार दिया
टेलीकॉम कंपनियों की एसोसिएशन सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने रिलायंस जियो कनेक्शन को प्रतिस्पर्धा के खिलाफ करार देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि सीओएआई ने पीएमओ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए टेलिकॉम कंपनियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बहाल कराने में मदद की मांग की है।
सीओएआई से जुड़ी टेलिकॉम कंपनियों का कहना है कि रिलायंस जियो ने जिस तरीके से अपने नेटवर्क की जांच की है वह नियमों की अनदेखी है। इन ऑपरेटर्स ने कहा है कि वे नेटवर्क संसाधन को लेकर या वित्तीय संसाधन को लेकर इस स्थिति में नहीं है कि वह अपनी दरों में असंयमित तरीके से कटौती कर सके।
गत पांच सितंबर से रिलायंस जियो को लांच कर दिया गया है। जियो के सभी प्लान में वायल कॉलिंग व एसएमएस फ्री है। अगले 31 दिसंबर तक जियो का वेलकम ऑफर है जिसके तहत डाटा इस्तेमाल पर भी कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।