Aqua Tech Park: भारत में पहली बार एक्वा टेक पार्क.. मछली उत्पादन को बढ़ावा; युवाओं को कमाई के अवसर मिलेंगे
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से असम के सोनापुर में भारत के पहले एक्वा टेक पार्क का उद्घाटन किया। केंद्र सरकार ने 2015 से मत्स्य पालन क्षेत्र में संचयी रूप से 38,572 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने सोनापुर में भारत के पहले एक्वा टेक पार्क का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य मछली उत्पादन को बढ़ावा देना और राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
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सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत का पहला एक्वा टेक पार्क असम के सोनापुर में उद्घाटन किया गया । यह मछली उत्पादन को काफी बढ़ावा देगा और असम में युवाओं को पर्याप्त कमाई के अवसर प्रदान करेगा।
केंद्र ने 2015 से मत्स्य पालन क्षेत्र में 38,572 करोड़ रुपये का निवेश कियाIndia's first Aqua Tech Park inaugurated in Sonapur, Assam 🌊🐟
Dedicated the Aqua Tech Park,a first of its kind in India which will greatly boost fish production and provide ample earning opportunities to the youth in Assam.
This park will be a model of fisheries development. pic.twitter.com/0cO6Tts22s — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 12, 2025
पीआईबी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 2025-26 की बजट घोषणा रणनीतिक रूप से वित्तीय समावेशन को बढ़ाने, सीमा शुल्क को कम करके किसानों पर वित्तीय बोझ को कम करने और समुद्री मत्स्य पालन के विकास को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। केंद्र सरकार ने 2015 से मत्स्य पालन क्षेत्र में संचयी रूप से 38,572 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके परिणामस्वरूप देश में मछली उत्पादन दोगुना हो गया है।
मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए सरकार की योजनाएं
सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं भी शुरू की हैं। इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) की परिकल्पना 2020 में की गई थी ताकि मछुआरों, मछली किसानों और अन्य हितधारकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित करते हुए मत्स्य पालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में मदद मिल सके। यह 20,050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ पाँच वर्षों (2020-21 से 2024-25) की अवधि के लिए लागू है। यह पहल अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में मजबूती से उतरती है। उत्पादन बढ़ाने और मजबूत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है।
कृषि क्षेत्र में असम ने दिखाई मजबूती
कृषि क्षेत्र में, असम ने खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2024-25 के दौरान लगभग 7 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद करके धान खरीद में एक नया रिकॉर्ड बनाया।
असम के माजुली जिले के किसानों ने पश्चिम एशिया और यूरोपीय संघ के बाजारों में 267 मीट्रिक टन लाल चावल का निर्यात किया। असम के नदी द्वीप जिले माजुली ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है क्योंकि इसके स्वदेशी जैविक लाल बाओ धान ने वैश्विक बाजार में अपनी शुरुआत की है।