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कोरोना के प्रभाव से तेजी से उबर रहा है चीन, विनिर्माण गतिविधियों में आया उछाल
Mon, 30 Nov 2020 04:31 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 30 Nov 2020 04:31 PM IST
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चीनी अर्थव्यवस्था
- फोटो : pixabay
चीन की विनिर्माण गतिविधियों की रफ्तार नवंबर में और तेज हुई है। इससे पता चलता है कि चीन कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से तेजी से उबर रहा है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और यूरोप में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, जिससें वहां कारोबारी गतिविधियों पर नए सिरे से अंकुश लगाए जा रहे हैं।
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52.1 पर पहुंचा मासिक खरीद प्रबंधक सूचकांक
सरकारी सांख्यिकी एजेंसी तथा एक उद्योग समूह द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चीन में मासिक खरीद प्रबंधक सूचकांक नवंबर में बढ़कर 52.1 पर पहुंच गया है। 50 से ऊपर का आंकड़ा गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। अक्तूबर में यह सूचकांक 51.4 पर था। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने मार्च में घोषणा की थी कि अब महामारी पर नियंत्रण पा लिया गया है।
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लगातार सामान्य हो रही हैं कारोबारी गतिविधियां
इसके बाद से चीन में कारोबारी गतिविधियां लगातार सामान्य हो रही हैं। चीन में कारखाने, स्टोर और कार्यालय खुल चुके हैं। हालांकि, दूसरे देशों से लोगों के आने पर अंकुश कायम हैं। चीन में खुदरा खर्च, वाहन बिक्री, कारखाना उत्पादन और अन्य गतिविधियां महामारी से पूर्व के स्तर पर पहुंच गई हैं।
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सबसे पहले चीन में बंद हुई थी अर्थव्यवस्था
मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत दिसंबर 2019 में चीन से ही हुई थी। इसलिए चीन में सबसे पहले अर्थव्यवस्था को बंद किया गया था। इसके बाद मार्च में चीन की अर्थव्यवस्था फिर से खुलने लगी थी।
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2019-20 में घटकर 81.87 अरब डॉलर रह गया, जो 2018-19 में 87.08 अरब डॉलर था। दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर भी 53.57 अरब डॉलर से घटकर 48.66 अरब डॉलर रह गया। आंकड़ों के मुताबिक, चीन 2013-14 से 2017-18 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। चीन से पहले, यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।