China: 'ड्रैगन को भविष्य के लिए अपनी रणनीतियां बदलनी होंगी', IMF की एमडी क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने दी यह सलाह
China: चीन की अर्थव्यवस्था इस वर्ष की पहली तिमाही में 5.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जिससे नए साल की उम्मीद से अधिक मजबूत शुरुआत हुई, हालांकि चीन के संपत्ति बाजार में गिरावट जारी रही जबकि घरेलू मांग भी कम रही।
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चीन को पिछले कुछ दशकों में अपने निर्यात आधारित विकास की नीतियों से लाभ जरूर हुआ पर अब वह समय आ गया है जब उसे वृद्धि के लिए घरेलू स्रोतों का रुख करना चाहिए। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने ये बात कही है। उन्होंने कहा कि चीन को अपने बाजार के लिए और अधिक अवसर खोलना चाहिए।
चीन की अर्थव्यवस्था इस वर्ष की पहली तिमाही में 5.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जिससे नए साल की उम्मीद से अधिक मजबूत शुरुआत हुई, हालांकि चीन के संपत्ति बाजार में गिरावट जारी रही जबकि घरेलू मांग भी कम रही। मंगलवार को जारी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों से को पता चलता है कि 2024 के पहले तीन महीनों में चीन की जीडीपी सालाना 5.3 प्रतिशत बढ़कर 29.63 ट्रिलियन युआन (लगभग 4.17 ट्रिलियन डॉलर) हो गई।
IMF एमडी ने कहा- चीन को अब विकास के लिए घरेलू स्रोतों की ओर देखना चाहिए
जॉर्जीवा ने कहा, "चीन की राह में कांटे हैं। क्यों? क्योंकि चीन को भविष्य के लिए विकास की रणनीतियों को परिभाषित करना होगा। चीन को पिछले दशकों में अपनी खास नीतियों, जिनमें निर्यात-उन्मुख विकास शामिल है, का लाभ मिला है। लेकिन अब विकास के लिए घरेलू स्रोतों की ओर देखने का समय आ गया है। उन्हें अपने बाजार के लिए संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से और अधिक अवसर खोलने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि आईएमएफ को चीन के लिए तीन महत्वपूर्ण अवसर नजर आ रहे हैं। पहला, अर्थव्यवस्था को घरेलू खपत की ओर और अधिक परिवर्तित करना। यह वास्तव में चीन की दोहरी परिसंचरण अर्थव्यवस्था के अनुरूप है। यह उपभोक्ताओं को अधिक आत्मविश्वास देने और उन्हें अधिक सेवाएं व वस्तुए खरीदने के लिए प्रेरित करेगा।
चीन में स्वास्थ्य सेवाओं का काफी विस्तार हो सकता हैः जॉर्जीवा
उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि चीन में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी विस्तार हो सकता है। हम जानते हैं कि सामाजिक सुरक्षा जाल को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के लिए लोगों को थोड़ा कम बचत करने, थोड़ा अधिक खर्च करने का मौका मिलेगा।" आईएमएफ के प्रबंध निदेशक ने कहा, चीन अपनी वृद्धि को बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले ले रहा है। ऐसे में वह घरेलू खपत बढ़ाने के लिए जितने अधिक कदम उठाए, उतना बेहतर होगा।
एक अलग संवाददाता सम्मेलन में आईएमएफ के एशिया व प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्ण श्रीनिवासन ने संवाददाताओं से कहा कि वृहद आर्थिक पहलुओं की बात करें तो चीन की अर्थव्यवस्था कमजोर घरेलू मांग से जूझ रही है। इसके दो कारण है रियल एस्टेट क्षेत्र में निरंतर कमजोरी और महामारी का असर। इस स्थिति में आईएमएफ ने दो चीजों की वकालत की है। एक चीन को ऐसी नीतियां बनाती चाहिए जो संपत्ति क्षेत्र में समस्या का समाधान करने में मदद करें और दूसरी, चीन अपने सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क में सुधार करके उपभोक्ताओं की मांग को बढ़ावा देने की कोशिश करे। इसके अलावा चीन को अपनी पेंशन प्रणाली में वित्तीय रूप से विवेकपूर्ण सुधार करना चाहिए और अपने लोगों, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर निवेश करना चाहिए।