कैपिटेशन फीस: चिदंबरम का मोदी को चैलेंज, शिक्षण संस्थानों को कैशलेस करके दिखाएं
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पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने के मुद्दे पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने पीएम मोदी को चैलेंज करते हुए कहा है कि क्या वह इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में कैपिटेशन फीस को खत्म करा सकते हैं।
गौरतलब है कि कॉलेजों में दाखिले के लिए अभिभावक कॉलेजों को मनचाही कैपिटेशन फीस देते हैं और वह भी कैश में। चिदंबरम ने कहा कि मई और जून में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले खुलेंगे इस दौरान कैपिटेशन फीस ली जाएगी।
क्या पीएम मोदी अभिभावकों को ये आश्वासन दे सकते हैं कि इस बार उनसे कैपिटेशन फीस नहीं ली जाएगी। कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि जब पीएम मोदी कैशलेस इकॉनोमी की बात करते हैं तो वह ऐसी बातें करते हैं जो कहीं नही होंती। उनको कोई अधिकार नहीं है ऐसी बातें करने का। उन्हें वैश्विक फिनोमिना की ओर देखना चाहिए। अमेरिका में करीब 42 फीसदी कैशफ्लो आता है तो फ्रांस में 56 फीसदी।
नोटबंदी से प्रभावित किसानों को मिले मुआवजा
ये जनता का फैसला होना चाहिए की वो कैश में सामान खरीदती है या कार्ड से। हमारे देश में किसानों और वेतनभोगी कर्मचारियों को अपनी रोजाना की जरूरतों के लिए कैश की जरूरत होती है।
नोटबंदी की घोषणा के दौरान पीएम मोदी ने गत आठ नवंबर को तीन मुख्य मुद्दों पर बात की थी, नकली नोटों को चलन से रोकना, कालाधन और भ्रष्टाचार। मैं पीएम मोदी को चैलेंज करता हूं की वह नोटबंदी के ऐलान के दौरान किए गए अपने वादों की जांच कर लें कि वह कितने सफल हुए हैं।
साथ ही चिंदबरम ने सरकार से मांग की कि वह उन किसानों को मुआवजा दें जो नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं। इस दौरान करीब 150 लोगों ने अपनी जान गंवायी है।