{"_id":"6654809f0d7e4a88e90fd87a","slug":"chana-daal-inflation-of-this-dal-will-spoil-the-household-budget-know-why-now-namkeen-will-be-expensive-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chana Daal: इस दाल की महंगाई बिगाड़ देगी घर का बजट! जानें क्यों अब नमकीन खाना भी पड़ेगा महंगा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Chana Daal: इस दाल की महंगाई बिगाड़ देगी घर का बजट! जानें क्यों अब नमकीन खाना भी पड़ेगा महंगा?
Mon, 27 May 2024 06:37 PM IST
कुमार विवेक
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 27 May 2024 06:37 PM IST
सार
Chana Daal: बाजार के जानकारों का कहना है कि करीब दो साल साल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में चने का भाव सात हजार रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को पार कर गया है। आवक घटने और अनुमान की तुलना में उत्पादन कमजोर होने की वजह से दाल के दाम में बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
दाल की कीमतें
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
दालों की बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ कर दिया है। राजधानी दिल्ली में चने का भाव सात हजार रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को पार कर गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अब लोगों को बेसन और उससे बनने वाली नमकीन की महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
बाजार के जानकारों का कहना है कि करीब दो साल साल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में चने का भाव सात हजार रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को पार कर गया है। आवक घटने और अनुमान की तुलना में उत्पादन कमजोर होने की वजह से दाल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार को दिल्ली में मध्यप्रदेश के चने में 7,025-7,050 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार दर्ज किया गया। वहीं, राजस्थान के चने में 7,075-7,100 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार हुआ।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार ने चार मई को चने के इंपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को हटाकर शून्य कर दिया था। उस समय दिल्ली में चने की राजस्थान वैरायटी का भाव 6,350 रुपये प्रति क्विंटल और मध्यप्रदेश वैरायटी का भाव 6,325 रुपये प्रति क्विंटल के आस-पास कारोबार कर रहा था। उस समय से अभी तक कीमतों में दस फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चना उत्पादक है। दुनिया के कुल चना उत्पादन में हमारी लगभग 70 फीसदी की हिस्सेदारी है। भारत की कुल दलहन फसलों में अकेले 45 फीसदी की हिस्सेदारी चने की है।
विज्ञापन
चने की कीमतों में इजाफे ने उपभोक्ताओं और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा रखी है। मंडियों में किसानों को मिलने वाले दाम भी पिछले साल के मुकाबले ओपन मार्केट में करीब 21 फीसदी बढ़ चुका है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार 01 से 22 मई 2024 तक देश भर की मंडियों में 1,84,594 टन चने की आवक हुई, जो इसी अवधि में 2023 के मुकाबले सिर्फ चार फीसदी कम है। साल 2023 में इसी दौरान 1,91,366 टन चने की आवक हुई थी। आवक में बहुत कमी नहीं देखी जा रही है, लेकिन पिछले वर्ष रकबे में कमी और उसके बाद कम हुए उत्पादन के कारण बाजार में इसके दाम को लेकर कुछ व्यापारियों ने टेंशन बनाई हुई है। हालांकि रकबे और उत्पादन में बहुत अधिक गिरावट नहीं आई है।
इन राज्यों में घटा बुवाई का क्षेत्रफल
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार फसल वर्ष 2022-23 के दौरान देश में 104.71 लाख हेक्टेयर में चने की खेती हुई थी। जो 2023-24 में घटकर 101.92 लाख टन रह गई। 2.79 लाख हेक्टेयर की कमी आई। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात और हरियाणा में चने की बुवाई का क्षेत्रफल घट गया था। मंत्रालय की ओर से उपलब्ध के अनुसार 2023-24 में देश भर में 121.61 लाख मीट्रिक टन चने का उत्पादन हुआ, जबकि 2022-23 में 122.67 लाख टन उत्पादन हुआ थ।. यानी पिछले साल के मुकाबले उत्पादन में सिर्फ 1.06 लाख टन की कमी आई है।