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'खरगे 83-84 साल के, ऐसी बातें कह सकते हैं': पीएम पर टिप्पणी को लेकर सौगत रॉय ने किया बचाव, क्या है विवाद?
Mon, 26 Oct 2026 05:15 PM IST
अमन मौर्या
एएनआई, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
एएनआई, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 26 Oct 2026 05:15 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राजनीति तेज हो गई है। टीएमसी ममता गुट के सांसद सौगत रॉय ने खरगे की उम्र का हवाला देकर उनका बचाव किया है, जबकि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
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सौगत रॉय, टीएमसी सांसद (ममता गुट)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ममता गुट के सांसद सौगत रॉय ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी का बचाव किया। उन्होंने खरगे की अधिक उम्र का हवाला दिया। मीडिया से बात करते हुए, रॉय ने इस विवाद की गंभीरता को कम करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि खरगे का बयान एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में से किसी की टिप्पणी पर आई एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। सांसद सौगत रॉय ने एएनआई को बताया, 'सभा में किसी ने कहा कि मोदी को तो तुम्हारे पिता भी नहीं हटा सकते, जिस पर खरगे ने जवाब दिया कि मोदी के पिता भी ऐसा नहीं कर पाएंगे। खरगे एक वरिष्ठ नेता हैं, जिनकी उम्र 83-84 साल है। वे ऐसी बातें कह सकते हैं।'
ये भी पढ़ें: 'व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं न लांघें': पीएम पर टिप्पणी को लेकर राजनाथ सिंह की नसीहत, कांग्रेस पर क्या बोले?
कांग्रेस ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने पर, खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है। पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे को कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा है। उत्तराखंड में हुए एक कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि उस दौरान खरगे के संबोधन से पहले कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान किया गया। खेड़ा ने बताया, बिहार के कार्यक्रम में भी एक भाजपा समर्थक ने खरगे के भाषण के दौरान टिप्पणी की थी कि उनके पिता भी आ जाएं, तब भी मोदी नहीं हारेंगे। कांग्रेस के मुताबिक खरगे ने इसी टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी थी।
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भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से कहा, 'पूरी कांग्रेस पार्टी की हालत खराब हो गई है। 1971-72 में, बांग्लादेश युद्ध के बाद हेनरी किसिंजर और निक्सन ने इंदिरा के बारे में काफी अपशब्द कहे थे। उसी संसद में, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी तक, सभी ने उनका (इंदिरा गांधी का) बचाव किया, क्योंकि वह देश की प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने कहा था कि हम ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि हम गलत बातें बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर हमें अमेरिका के साथ रिश्ते खत्म भी करने पड़ें, तो हम कभी बाहर जाकर इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे। लेकिन जिस तरह की अभद्र भाषा का वे इस्तेमाल करते हैं, ऐसी बातें तो कोई पागल इंसान ही कह सकता है। इसकी वजह यह है कि 100 चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अभी तक उस सदमे से उबर नहीं पाई है और उसे लग रहा है कि उसे अगले 10-20 साल तक विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा। मैंने कल जो कहा था, वही आज फिर दोहरा रहा हूं कि आज की कांग्रेस पागलों का एक समूह है और इसके नेतृत्व में मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर राहुल गांधी तक शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: 'यह राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा': एआईएडीएमके के बागी विधायकों के खिलाफ याचिका खारिज, कोर्ट ने और क्या कहा?
कैसे शुरू हुआ विवाद?
बता दें कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह पूरा विवाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में खरगे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसी बात का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, 'मोदी के बाप भी चले जाएंगे।' कांग्रेस नेता के इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताया और इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया।
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कांग्रेस ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने पर, खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है। पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे को कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा है। उत्तराखंड में हुए एक कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि उस दौरान खरगे के संबोधन से पहले कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान किया गया। खेड़ा ने बताया, बिहार के कार्यक्रम में भी एक भाजपा समर्थक ने खरगे के भाषण के दौरान टिप्पणी की थी कि उनके पिता भी आ जाएं, तब भी मोदी नहीं हारेंगे। कांग्रेस के मुताबिक खरगे ने इसी टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी थी।
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भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से कहा, 'पूरी कांग्रेस पार्टी की हालत खराब हो गई है। 1971-72 में, बांग्लादेश युद्ध के बाद हेनरी किसिंजर और निक्सन ने इंदिरा के बारे में काफी अपशब्द कहे थे। उसी संसद में, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी तक, सभी ने उनका (इंदिरा गांधी का) बचाव किया, क्योंकि वह देश की प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने कहा था कि हम ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि हम गलत बातें बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर हमें अमेरिका के साथ रिश्ते खत्म भी करने पड़ें, तो हम कभी बाहर जाकर इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे। लेकिन जिस तरह की अभद्र भाषा का वे इस्तेमाल करते हैं, ऐसी बातें तो कोई पागल इंसान ही कह सकता है। इसकी वजह यह है कि 100 चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अभी तक उस सदमे से उबर नहीं पाई है और उसे लग रहा है कि उसे अगले 10-20 साल तक विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा। मैंने कल जो कहा था, वही आज फिर दोहरा रहा हूं कि आज की कांग्रेस पागलों का एक समूह है और इसके नेतृत्व में मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर राहुल गांधी तक शामिल हैं।
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
बता दें कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह पूरा विवाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में खरगे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसी बात का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, 'मोदी के बाप भी चले जाएंगे।' कांग्रेस नेता के इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताया और इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया।