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योजना: घरेलू बाजारों में खाद्य तेलों में नरमी के लिए 31 मार्च तक भंडारण की सीमा लगाई, केंद्र का अहम फैसला
Sun, 10 Oct 2021 09:32 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 10 Oct 2021 09:32 PM IST
सार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान घरेलू खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों के दाम 46.15 फीसदी तक चढ़े हैं। वैश्विक कारकों के अलावा घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं।
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खाने का तेल
विस्तार
आसमान छूती खाद्य तेल की कीमतों को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार ने एक बार फिर कवायद शुरू की है। घरेलू बाजार में कीमतों में नरमी के लिए रविवार को खाद्य तेलों के व्यापारियों पर 31 मार्च तक भंडारण की सीमा लगा दी गई है। हालांकि, कुछ आयातकों-निर्यातकों को इससे छूट दी गई है। सरसों तेल के वायदा कारोबार पर आठ अक्तूबर को रोक लगाई गई थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान घरेलू खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों के दाम 46.15 फीसदी तक चढ़े हैं। वैश्विक कारकों के अलावा घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा, केंद्र के इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेल कीमतों में नरमी आएगी। इससे देशभर में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
सभी राज्यों को जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकारें तथा संघ शासित प्रदेश उपलब्ध भंडार तथा उपभोग के रुख के आधार पर खाद्य तेलों तथा तिलहनों के भंडारण की सीमा पर फैसला करेंगे। हालांकि, कुछ आयातकों तथा निर्यातकों को भंडारण की सीमा छूट दी गई है। यह छूट उन निर्यातकों को होगी जिनके पास विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी आयातक-निर्यातक कोड होगा और वे यह बता सकेंगे कि उनके पास पूरा या कुछ भंडार निर्यात के उद्देश्य से है।
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मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा ऐसे आयातकों को इससे छूट मिलेगी जो यह बताने में सक्षम होंगे कि खाद्य तेलों तथा तिलहनों के उनके भंडार का कुछ हिस्सा आयात किया गया है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान घरेलू खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों के दाम 46.15 फीसदी तक चढ़े हैं। वैश्विक कारकों के अलावा घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा, केंद्र के इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेल कीमतों में नरमी आएगी। इससे देशभर में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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सभी राज्यों को जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकारें तथा संघ शासित प्रदेश उपलब्ध भंडार तथा उपभोग के रुख के आधार पर खाद्य तेलों तथा तिलहनों के भंडारण की सीमा पर फैसला करेंगे। हालांकि, कुछ आयातकों तथा निर्यातकों को भंडारण की सीमा छूट दी गई है। यह छूट उन निर्यातकों को होगी जिनके पास विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी आयातक-निर्यातक कोड होगा और वे यह बता सकेंगे कि उनके पास पूरा या कुछ भंडार निर्यात के उद्देश्य से है।
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मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा ऐसे आयातकों को इससे छूट मिलेगी जो यह बताने में सक्षम होंगे कि खाद्य तेलों तथा तिलहनों के उनके भंडार का कुछ हिस्सा आयात किया गया है।