Foreign Funds Act: केंद्र ने सीबीआई को ऑक्सफैम की जांच करने को कहा, जानें क्या है मामला?
Foreign Funds Act: गृह मंत्रालय की ओर से ऑक्सफेम की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने से ऑक्सफैम इंडिया की मुसीबत बढ़ गई है। यह जांच भारत विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम 2010 (एफसीआरए, 2010) के उल्लंघन से जुड़े मामले में की जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र ने सीबीआई को ऑक्सफैम की जांच करने को कहा है। केंद्र सरकार ने जांच एजेंसी को यह निर्देश फॉरेन फंड्स एक्ट के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के मामले में दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से ऑक्सफेम की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने से ऑक्सफैम इंडिया की मुसीबत बढ़ गई है। यह जांच भारत विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम 2010 (एफसीआरए, 2010) के उल्लंघन से जुड़े मामले में की जाएगी। ऑक्सफैम इंडिया पर आरोप हैं कि उसने विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2020 के लागू होने के बाद भी विभिन्न संस्थाओं को विदेशी योगदान हस्तांतरित करना जारी रखा। इस अधिनियम के तहत इस तरह के हस्तांतरण प्रतिबंधित हैं।
आईटी सर्वेक्षण के दौरान हुए थे कई खुलासे
बता दें कि ऑक्सफैम इंडिया को "सामाजिक" गतिविधियों के लिए विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम 2010 (एफसीआरए, 2010) के तहत पंजीकृत किया गया था और इसका पंजीकरण प्रमाण पत्र 31 दिसंबर, 2021 तक वैध था। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से किए गए आईटी सर्वेक्षण के दौरान पाए गए एक ईमेल से पता चलता है कि ऑक्सफैम इंडिया एफसीआरए- पंजीकृत अन्य संघों को धन भेजकर एफसीआरए, 2010 के प्रावधान को दरकिनार करने की योजना बना रहा था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि ऑक्सफैम इंडिया अपने लाभ के लिए पैसों को अलग-अलग बैंक अकाउंट में रखने की योजना बना रहा था। वहीं, ऑक्सफैम इंडिया को विदेशी संगठनों से भी फंडिंग प्राप्त हो रही थी। हालांकि इस मामले में ऑक्सफेम की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया समाने नहीं आई है।
ऑक्सफैम के पहले अमन बिरादरी नाम के एनजीओ की सीबीआई जांच की हुई थी सिफारिश
ऑक्सफैम इंडिया दूसरा एनजीओ है जिसके खिलाफ गृह मंत्रालय ने एफसीआरए के कथित उल्लंघन के लिए एक महीने के भीतर सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इससे पहले 20 मार्च को गृह मंत्रालय ने लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर की ओर से स्थापित एनजीओ अमन बिरादरी के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। ऑक्सफैम इंडिया का एफसीआरए लाइसेंस जनवरी 2022 में निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद एनजीओ ने गृह मंत्रालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।