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CBI: वरुण इंडस्ट्रीज के खिलाफ 388 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में दो केस दर्ज, जानें पूरा मामला
Wed, 23 Aug 2023 07:15 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 23 Aug 2023 07:15 PM IST
सार
CBI: केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में सीबीआई की बैंकिंग प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा की मुंबई इकाई ने कहा कि पीसीएल इकाइयों से प्राप्त धन को जिस कार्य के लिए लिया गया वहां नहीं लगाकर अन्य गतिविधियों में लगाया गया।
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सीबीआई
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वरुण इंडस्ट्रीज के खिलाफ 388 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी के लिए दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी, उसके प्रवर्तकों और निदेशकों कैलाश अग्रवाल तथा किरण मेहता के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक की अलग-अलग शिकायतों पर दर्ज दो नए मामलों में मामला दर्ज किया गया है।
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उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने आरोप लगाया है कि उसे 269.29 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि केनरा बैंक ने लगभग 118.88 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है।
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केनरा बैंक से संबंधित प्राथमिकी में कहा गया है, "आरोपी कंपनी ने स्टील और किचनवेयर वस्तुओं के निर्यात के लिए पीसीएल (Packing Credit Limits) सुविधाओं का लाभ उठाया था, लेकिन यह पता चला कि कम से कम तीन मौकों पर पैकिंग क्रेडिट लिमिट (पीसीएल) के लाभार्थी स्टील और किचनवेयर आइटम का सौदा नहीं कर रहे थे।"
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केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में सीबीआई की बैंकिंग प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा की मुंबई इकाई ने कहा कि पीसीएल इकाइयों से प्राप्त धन को जिस कार्य के लिए लिया गया वहां नहीं लगाकर अन्य गतिविधियों में लगाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वरुण इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से दुबई में दो कंपनियों - अल राड इंटरनेशनल ट्रेडिंग और व्हाइट इम्पेक्स जनरल ट्रेडिंग एलएलसी के साथ काम कर रही थी और बिक्री का अधिकांश कारोबार केवल उनके पास था।
एजेंसी ने कहा, ''यह भी आरोप है कि आरोपी कंपनी और उसके समूह की कंपनियां दुबई स्थित इन दो कंपनियों की एकमात्र आपूर्तिकर्ता थीं।"