{"_id":"65c370cb9f467e4150005348","slug":"cbi-books-ttpl-md-former-md-in-rs-120-cr-loss-over-hiring-of-consultant-2024-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"CBI: टीटीपीएल के MD व पूर्व एमडी पर सलाहकार की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप; 120 करोड़ का हुआ नुकसान, केस दर्ज","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
CBI: टीटीपीएल के MD व पूर्व एमडी पर सलाहकार की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप; 120 करोड़ का हुआ नुकसान, केस दर्ज
Wed, 07 Feb 2024 05:30 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 07 Feb 2024 05:30 PM IST
सार
CBI Action: सीबीआई के अनुसार टीटीपीएल में गड़बड़ी साल 2004 में रांची के मेकॉन को सलाहकार नियुक्त करने में की गई थी। हाल ही में दर्ज एफआईआर में टीटीपीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक ईपेन जोसेफ का भी नाम है। रांची स्थित मेकॉन को प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र की स्थापना के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।
विज्ञापन
सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीबीआई ने केरल सरकार के सार्वजनिक उपक्रम त्रावणकोर टाइटेनियम प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीटीपीएल) के प्रबंध निदेशक और अन्य के खिलाफ 120 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई के अनुसार यह गड़बड़ी साल 2004 में रांची के मेकॉन को सलाहकार नियुक्त करने में की गई थी। हाल ही में दर्ज एफआईआर में टीटीपीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक ईपेन जोसेफ का भी नाम है। रांची स्थित मेकॉन को प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र की स्थापना के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।
विज्ञापन
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि जोसेफ ने तत्कालीन अधिकारियों- मुख्य प्रबंधक (विपणन) संतोष कुमार और कार्यकारी निदेशक एएम भास्करन के साथ आपराधिक साजिश में शामिल होने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और आपराधिक कदाचार किया।
विज्ञापन
केरल उच्च न्यायालय के निर्देश पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इन लोगों ने कथित तौर इस्पात मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक उपक्रम 'मेकॉन, रांची' को नौ करोड़ रुपये में सलाहकार नियुक्त किया था, जबकि इसके लिए 3.5 करोड़ रुपये की ही सहमति बनी थी। एफआईआर में आरोपी के रूप में पहले स्थान पर टीटीपीएल के एमडी लिखा है, पर उनका नाम नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
टीटीपीएल टाइटेनियम डाइऑक्साइड पिगमेंट बनाती है जो व्यापक रूप से टैबलेट और गोलियों की कोटिंग्स में उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया से बड़ी मात्रा में तरल अपशिष्ट उत्पन्न होता है जिसमें फेरस सल्फेट और सल्फ्यूरिक एसिड होते हैं, जिन्हें अरब सागर में छोड़ा जाता है।