{"_id":"62359b16ba1c38000d146b41","slug":"cbdt-chairman-said-reforms-in-it-dept-trengthening-of-economy-led-to-record-tax-collections","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tax Collections Record: आयकर विभाग ने किया अब तक के इतिहास का सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन, 48 फीसदी उछाल दर्ज","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Tax Collections Record: आयकर विभाग ने किया अब तक के इतिहास का सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन, 48 फीसदी उछाल दर्ज
Sat, 19 Mar 2022 02:28 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Sat, 19 Mar 2022 02:28 PM IST
सार
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन जेबी महापात्र ने कहा कि देश में चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह में 48 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसमें एडवांस टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों भी शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष में एडवांस टैक्स पेमेंट में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
सीबीडीटी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आयकर विभाग की ओर से एक बड़ी खबर आई है। दरअसल, विभाग ने चालू वित्त वर्ष में अब तक का सबसे ज्यादा इनकम टैक्स कलेक्शन किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की ओर से यह जानकारी साझा की गई है। सीबीडीटी चेयरमैन जेबी महापात्र ने कहा कि देश में चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह में 48 फीसदी की वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
महापात्र ने कहा कि महापात्र ने कहा कि 17 मार्च तक के आंकड़े को देखें तो डायरेक्ट टैक्स का नेट कलेक्शन 13.63 लाख करोड़ रुपये रहा है। जो कि एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में यह 48 प्रतिशत अधिक है। इसमें एडवांस टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों भी शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष में एडवांस टैक्स पेमेंट में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
सीबीडीटी चेयरमैन ने कहा कि सालाना आधार पर शुद्ध संग्रह 2020-21 की समान अवधि से 48.4 फीसदी अधिक है। 2019-20 की तुलना में यह 42.5 फीसदी और 2018-19 की तुलना में 35 फीसदी अधिक है। महापात्र ने कहा कि यह पिछले सबसे ऊंचे आंकड़े से 2.5 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। महापात्र के अनुसार इस तरह यह विभाग के इतिहास में यह आयकर संग्रह का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि यह टैक्स कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार का भी संकेत है। यह कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में निरंतर आर्थिक पुनरुद्धार को प्रदर्शित करता है। आधिकारिक बयान के अनुसार शुद्ध रूप से प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में 16 मार्च, 2022 तक 13.63 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जबकि एक साल पहले 2020-21 की इसी अवधि में यह 9.18 लाख करोड़ रुपये था।