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Indusind Bank: 84000 ग्राहकों को बिना मंजूरी लोन देने के मामले में बैंक ने दी सफाई, बताई यह बड़ी वजह

Sat, 06 Nov 2021 03:20 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Sat, 06 Nov 2021 03:20 PM IST
सार

इंडसइंड बैंक ने शनिवार को यह स्वीकार किया कि मई महीने में उसने बिना ग्राहकों की मंजूरी लिए 84,000 लोन डिस्बर्स कर दिए थे। इसके साथ ही बैंक की ओर से कहा गया है कि यह मानवीय गलती नहीं बल्कि तकनीकी खामी की वजह से हुआ था।

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case of without approval loans to 84000 customers of Indusind bank, bank told technical flaw is reason for this
इंडसइंड बैंक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंडसइंड बैंक ने शनिवार को यह स्वीकार किया कि मई महीने में उसने बिना ग्राहकों की मंजूरी लिए 84,000 लोन डिस्बर्स कर दिए थे। इसके साथ ही बैंक की ओर से कहा गया है कि यह मानवीय गलती नहीं बल्कि तकनीकी खामी की वजह से हुआ था। बैंक ने व्हिसलब्लोअर के दावे को पूरी तरह से आधारहीन बताया है।

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गुमनाम व्हिसलब्लोअर ने उठाया था मुद्दा
प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड ने इस मामले में सफाई देते हुए बताया कि पिछले दो दिनों में फील्ड स्टाफ ने पूरी जांच के बाद जो रिपोर्ट दी है उसके अनुसार बैंक ने बिना ग्राहकों की सहमती के कर्ज बांट दिए थे। यह सब तकनीकी खाती के चलते हुआ था और अब इस खामी को तेजी से ठीक कर रहे हैं। गौरतलब है कि 5 नवंबर को खबरें आई थीं कि किसी गुमनाम व्हिसलब्लोअर ने बैंक मैनेजमेंट और आरबीआई को ये जानकारी दी थी कि कंपनी ने बिना ग्राहकों की सहमति के सदाबहार लोन बांट दिए हैं। उसने दावा किया था कि बैंक के मौजूदा ग्राहक जो लोन नहीं चुका पाए हैं उन्हें भी बैंक की ओर से नए लोन बांटे जा रहे हैं।
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बैंक ने जारी किया आधिकारिक बयान
अब इंडसइंड बैंक ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी कर दिया है। इसमें व्हिसलब्लोअर के सदाबहार लोन बांटने के आरोपों को बेसलेस बताया है। बयान में कहा गया है कि सभी लोन बीएफआईएल (BFIL) ने दिए हैं। इसमें कोविड-19 के पहले और दूसरे लहर के दौरान बांटे गए लोन भी शामिल हैं। बता दें कि बीएफआईएन दरअसल इंडसइंड बैंक की माइक्रोलेंडिंग फोकस्ड सब्सिडियरी है। बैंक ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि सितंबर 2021 के अंत तक इन 84,000 ग्राहकों में से 26,073 एक्टिव थे और इनपर 34 करोड़ रुपए का बकाया है। यह सितंबर तिमाही के लोन पोर्टफोलियो का 0.12% है।

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