फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   cag report on finance ministry states that it had done expense without parliament approval

संसद की अनुमति बिना वित्त मंत्रालय ने खर्च किए 1157 करोड़ रुपयेः सीएजी

Tue, 12 Feb 2019 04:42 PM IST
paliwal पालीवाल भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 12 Feb 2019 04:42 PM IST
विज्ञापन
cag report on finance ministry states that it had done expense without parliament approval

वित्त मंत्रालय ने 2017-18 के दौरान विभिन्न मदों में आवंटित बजट से 1,157 करोड़ रुपये अधिक खर्च किये हैं। इन खर्चों के लिए संसद की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की मंगलवार को संसद में पेश रिपोर्ट में यह बात कही गई है। 

विज्ञापन


केंद्र सरकार के खातों की 'वित्तीय ऑडिट' संबंधी कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017-18 के दौरान संसद की पूर्वानुमति के बिना 1,156.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय ने नई सेवाओं या नये सेवा साधनों के संबध में उपयुक्त तंत्र तैयार नहीं किया, जिसकी वजह से ज्यादा खर्च हुआ। 

विज्ञापन

संसद से अनुमति लेना जरूरी

वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला आर्थिक मामलों का विभाग अतिरिक्त खर्च के वास्ते प्रावधान बढ़ाने के लिए विधायी स्वीकृति लेने में नाकाम रहा। कैग की रिपोर्ट में कहा गया, दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अनुदान सहायता, सब्सिडी और प्रमुख कार्यों के लिए नई सेवा के प्रावधान को बढ़ाने के लिए पहले संसद की अनुमति लेने की जरूरत होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


लोक लेखा समिति (पीएसी) ने अपनी 83वीं रिपोर्ट में 'अनुदान सहायता' और 'सब्सिडी' प्रावधान बढ़ाने के मामलों पर गंभीरता से विचार किया था। पीएसी ने कहा था कि ये गंभीर खामियां संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा दोषपूर्ण बजट अनुमान और वित्तीय नियमों में कमियां की तरफ इशारा करती हैं। 

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वित्त मंत्रालय की ओर से सभी मंत्रालयों/ विभागों पर वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए एक प्रभावी तंत्र तैयार करना जरूरी है ताकि इस तरह की गंभीर खामियों को फिर से नहीं दोहराया जाए। 


रिपोर्ट के मुताबिक, पीएसी की सिफारिशों के बावजूद वित्त मंत्रालय ने उपयुक्त तंत्र नहीं तैयार किया, जिससे 2017-18 में 13 अनुदानों के मामले में संसद की मंजूरी के बिना कुल 1,156.80 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed