Biz Update: सेबी के खिलाफ जेन स्ट्रीट ने दायर की अपील; NSE ने इ. श्रीनिवास को बनाया पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने 4 जुलाई को जेन स्ट्रीट पर स्थानीय प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। उस पर आरोप था कि उसने भारत के सूचकांकों में हेरफेर किया है। यह किसी विदेशी निवेशक के खिलाफ की गई सबसे कड़ी कार्रवाई थी।
बुधवार को भारत के प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में दाखिल अपनी रिपोर्ट में कंपनी ने नियामक पर आरोप लगाया कि उसने 'सभी प्रासंगिक और विश्वसनीय सामग्री का पूर्ण निरीक्षण करने से इनकार कर दिया है।' उसने कहा कि जब वह उन कुछ दस्तावेजों का निरीक्षण कर रहा था जिन पर नियामक ने भरोसा किया था, तो उसे दिसंबर 2024 की एक आंतरिक निगरानी रिपोर्ट मिली, जो भारत के दो प्रमुख सूचकांकों में जेन स्ट्रीट की ओर से हेरफेर का निष्कर्ष निकालने में असमर्थ थी। जेन स्ट्रीट ने सेबी की दिसंबर 2024 की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया, 'इस समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर, यह प्रस्ताव है कि इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाए।' कंपनी ने फाइलिंग में कहा, 'ये दस्तावेज निस्संदेह प्रासंगिक हैं।'
डिज्नी को देना होगा 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना
वॉल्ट डिज्नी कंपनी संघीय व्यापार आयोग के मुकदमे को निपटाने के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना अदा करेगी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसने संघीय कानून का उल्लंघन करते हुए 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने की अनुमति दी। एफटीसी ने मंगलवार को कहा कि डिज्नी ने बच्चों के ऑनलाइन गोपनीयता संरक्षण अधिनियम या सीओपीपीए का उल्लंघन किया है, जिसके तहत बच्चों से संबंधित एप्स और वेबसाइटों को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने से पहले माता-पिता की सहमति लेना आवश्यक है।
शिकायत के अनुसार, डिज्नी ने यूट्यूब पर अपलोड किए गए कुछ वीडियो को बच्चों के लिए बने के रूप में ठीक से लेबल नहीं किया। FTC के अनुसार, इस गलत लेबलिंग के कारण, डिज़्नी को YouTube के माध्यम से बच्चों के लिए वीडियो देखने वाले 13 साल से कम उम्र के बच्चों का व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने और उस डेटा का उपयोग बच्चों के लिए लक्षित विज्ञापन देने के लिए करने का मौका मिल गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वीडियो पर बच्चों के लिए नहीं लिखा था, इसलिए उनमें लक्षित विज्ञापन शामिल थे।
चीनी उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इथनॉल बनाने पर मात्रात्मक प्रतिबंध हटाने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया। साथ ही, इस फैसले को किसानों के लिए जैकपॉट करार देते हुए कहा, इससे समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा और चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। खाद्य मंत्रालय ने एक सितंबर को जारी अधिसूचना में इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के उपयोग पर 40 लाख टन की सीमा हटा दी। भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) के महानिदेशक दीपक बलानी ने कहा, अगले साल चीनी उत्पादन में वृद्धि को देखते हुए यह सकारात्मक कदम है। इथनॉल आपूरि्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 50 लाख टन चीनी का इस्तेमाल इथनॉल बनाने में किया जा सकता है। इस मात्रा से करीब 450-500 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन होने की उम्मीद है।
सरकार ने कपास किसानों को दिया आश्वासन
एमएसपी दिशानिर्देशों के तहत बाजार में आने वाले सभी कपास को इस सीजन में बिना किसी व्यवधान के खरीदा जाएगा। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया। उन्होंने कपास किसानों के हितों की रक्षा के लिए उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के सरकार के दृष्टिकोण की पुष्टि की। कपास की खरीद 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होगी। पहली बार खरीद केंद्रों की स्थापना के लिए समान मानदंड निर्धारति किए गए हैं। प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में रिकॉर्ड 550 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
COP30 जलवायु वित्त लक्ष्य का केवल 4-5% ही अब तक हासिल हुआ है
सीओपी 30 के लिए निर्धारित वैश्विक वित्त पोषण लक्ष्य निर्धारित समय से बहुत पीछे है। इसमें वादा किए गए 1.3 ट्रिलियन डॉलर का केवल चार से पांच प्रतिशत ही अब तक हासिल किया जा सका है। ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) के जलवायु लचीलापन के फेलो विश्वास चितले ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जलवायु वित्त की गति काफी हद तक विकसित देशों पर निर्भर है, जो अब तक इसमें मुख्य योगदानकर्ता रहे हैं।
चितले ने साझा जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विकसित देशों से विकासशील देशों को धन मिलता है। विकासशील देशों को अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहना चाहिए। सीओपी 30 न केवल वित्त पर केंद्रित है, बल्कि रियो तालमेल, जलवायु कार्रवाई और सामुदायिक लचीलापन सहित व्यापक तालमेल पर भी केंद्रित है।
भारत में सतत विमानन ईंधन का निर्यातक बनने की क्षमता
नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने दावा किया कि भारत में सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) का निर्यातक बनने की क्षमता है। यह डीकार्बोनाइजेशन के लिए एक व्यावहारिक समाधान है, क्योंकि देश में 750 मिलियन टन से अधिक उपलब्ध बायोमास और लगभग 230 मिलियन टन अधिशेष कृषि अवशेष हैं।
बायोमास, कृषि अवशेष और प्रयुक्त खाना पकाने का तेल उन प्रमुख फीडस्टॉक्स में से हैं, जिनका उपयोग एसएएफ के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इसका उपयोग विमानों के लिए ड्रॉप-इन ईंधन के रूप में किया जा सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) और यूरोपीय संघ के सहयोग से भारत के लिए एसएएफ व्यवहार्यता अध्ययन तैयार किया है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी के पूर्व चेयरमैन इंजेती श्रीनिवास को अपने बोर्ड में पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर नियुक्त किया है। सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवास को एनएसई का चेयरमैन भी बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए बाजार नियामक सेबी की मंजूरी जरूरी होगी। एनएसई की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी अपडेट के मुताबिक, उन्होंने आधिकारिक रूप से बोर्ड ज्वॉइन कर लिया है।
इंजेती श्रीनिवास 1983 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह कॉरपोरेट अफेयर्स सेक्रेटरी रह चुके हैं और आईएफएससीए के संस्थापक चेयरपर्सन भी रहे हैं। उनके नेतृत्व में आईएफएससीए में कई अहम संस्थागत सुधार, गवर्नेंस को मजबूत करने और नीतिगत नवाचार की शुरुआत हुई। श्रीनिवास के पास चार दशक से अधिक का अनुभव है, जिसमें कॉरपोरेट और वित्तीय नियमन, औद्योगिक प्रोत्साहन, दिवाला और कंपनी कानून, प्रतिस्पर्धा कानून, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कॉस्ट अकाउंटेंसी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। एनएसई बोर्ड में श्रीनिवास के साथ अन्य पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर्स भी शामिल हैं, जिनमें मणिपुर हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश अभिलाषा कुमारी, जीएनएलयू की प्रोफेसर ममता बिस्वाल, आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर एस. सुधर्शन, सेबी के पूर्व कार्यकारी निदेशक एस. रविंद्रन, और टीसीएस के पूर्व एमडी एवं सीईओ राजेश गोपीनाथन शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप के सहयोग से बनी बिटकॉइन कंपनी अमेरिकन बिटकॉइन ने बुधवार को नैस्डैक स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग शुरू कर दी। कंपनी का यह कदम ग्रिफॉन डिजिटल माइनिंग के साथ विलय पूरा होने के बाद उठाया गया। एरिक ट्रंप ने इसे अमेरिकी पूंजी बाजार में बिटकॉइन को मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
अमेरिकन बिटकॉइन का लक्ष्य सेल्फ-माइनिंग ऑपरेशन और रणनीतिक बिटकॉइन खरीद के जरिए प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना है। पिछले साल ट्रंप परिवार ने रियल एस्टेट से हटकर क्रिप्टो में बड़ा निवेश किया है। हाल ही में वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल नामक एक और ट्रंप-समर्थित प्रोजेक्ट ने भी टोकन ट्रेडिंग शुरू की। डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर लोकप्रियता का इस्तेमाल कर क्रिप्टो निवेशकों से लाभ कमाने का आरोप लगाया है, लेकिन ट्रंप ने किसी भी तरह के हितों के टकराव से इनकार किया है।