Biz Updates: वैश्विक निवेश कंपनी ब्लैकस्टोन ने एम्फैसिस में 9.5% अंश बेचा, अदाणी समूह से सामने आई ये बड़ी खबर
वित्त वर्ष 2025 में सैमसंग का राजस्व 11 फीसदी बढ़ा
सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स की परिचालन आय वित्त वर्ष 2024-25 में 11% से अधिक बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी ने पिछले साल 99,541.6 करोड़ रुपये की परिचालन आय दर्ज की थी। इस बढ़ोतरी के साथ सैमसंग की ऑपरेशनल आय पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गई है। कंपनी की कुल समेकित आय वित्त वर्ष 2024 में ही 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी थी। बता दें कि सैमसंग इंडिया की कमाई में सबसे बड़ा योगदान उसके मोबाइल फोन व्यवसाय से आता है। दक्षिण कोरिया स्थित समूह सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की यह भारतीय इकाई मोबाइल फोन, टैबलेट, टीवी, होम अप्लायंसेज और कंप्यूटर सहित कई सेगमेंट में काम करती है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत दुबई में नौ लग्जरी अपार्टमेंट और वाणिज्यिक भवन अटैच किए हैं। इनकी कीमत 51 करोड़ रुपये से अधिक है। ईडी के भोपाल कार्यालय ने इन संपत्तियों को अटैच करने का अनंतिम आदेश जारी किया था। यह जांच एडवांटेज ओवरसीज प्रा. लि., उसके निदेशकों, गारंटरों, मुख्य निदेशक एवं अहम लाभार्थी मालिक श्रीकांत भासी की ओर से 1,266.63 करोड़ रुपये की एसबीआई से की गई धोखाधड़ी से जुड़ा है। अटैच की गई 51.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां भासी की हैं, जिन्हें उसने अपनी बेटी को तोहफे में दिया था। ये संपत्तियां सेंचुरियन रेजिडेंस - दुबई इन्वेस्टमेंट पार्क, सिलिकॉन ओएसिस, लीवा हाइट्स, बिजनेस बे व वर्ल्ड ट्रेड सेंटर रेजिडेंस में स्थित हैं।
सरकार ने मंगलवार को किसानों को बड़ी राहत दी है। अब जंगली जानवरों के हमलों से होने वाले फसलों के नुकसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत कवर किया जाएगा। खरीफ (ग्रीष्मकालीन) बुवाई सीजन 2026 से किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
आईफोन निर्माता एपल इंडिया को 2024-25 में 3,196 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि के 2,745 करोड़ की तुलना में यह 16 फीसदी अधिक है। कुल राजस्व 18 फीसदी बढ़कर 79,378 करोड़ हो गया। कंपनी का चालू वित्त वर्ष में कुल खर्च 75,191 करोड़ रुपये रहा। कर्मचारी लाभ भी 2,599.70 करोड़ से सालाना आधार पर 19.5 फीसदी बढ़कर 3,107.35 करोड़ हो गया।
आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज का राजस्व दूसरी तिमाही में 260.59 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में यह 16.4 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा, विदेशी मरीजों से आने वाला राजस्व 30.1 फीसदी बढ़कर 82.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शुद्ध राजस्व में विदेशी मरीजों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत रही। शुद्ध मुनाफे में 35.6 फीसदी की तेजी रही।
विविधीकृत फिनटेक प्लेटफॉर्म भारतीय रिजर्व बैंक से भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम के तहत ऑनलाइन, ऑफलाइन और सीमा-पार लेनदेन में भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी पेयू को सभी माध्यमों से व्यापारियों के लिए सुरक्षित, निर्बाध भुगतान स्वीकृति, निपटान और सीमा-पार समाधान प्रदान करने में सक्षम बनाता है।
एडटेक यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला का शेयर 109 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 33 फीसदी अधिक भाव पर सूचीबद्ध हुआ। यह एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने वाली पहली एडटेक कंपनी है। शुरुआत 143.10 रुपये पर हुई। बाद में 48.66 फीसदी तक बढ़ गया। बाजार पूंजी 43,453 करोड़ रही। एमवी फोटोवोल्टिक का शेयर 217 रुपये के निर्गम मूल्य के बराबर सूचीबद्ध हुआ।
इन्फोसिस का अब तक का सबसे बड़ा 18,000 करोड़ का शेयर बायबैक 20 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। 26 नवंबर को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य 10 करोड़ पूर्ण चुकता इक्विटी शेयरों को 1,800 रुपये प्रति शेयर की दर से वापस खरीदना है। यह कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 2.41 फीसदी है। कंपनी 2017 में पहला बायबैक लाई थी। उस समय 13,000 करोड़ का बायबैक किया था।
एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) ने ईएंडवाई के पूर्व सीईओ बॉबी पारिख को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। उनकी नियुक्ति एक दिसंबर, 2025 से प्रभावी होगी। कंपनी ने मंगलवार को कहा, पारिख की नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।
सरकार ने कपड़ा उद्योग के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तीसरे दौर में 17 नए आवेदकों को मंजूरी दे दी है। इस कदम से निवेश में और तेजी आएगी। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) परिधान और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्रों में भारत की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। कपड़ा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, नए स्वीकृत आवेदकों ने कुल 2,374 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इससे आने वाले वर्ष में 12,893 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित बिक्री और लगभग 22,646 लोगों के लिए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। पहले दो दौर में इस योजना के तहत कुल 74 आवेदकों को मंजूरी दी गई है। मंत्रालय ने हाल ही में उद्योग जगत की भागीदारी को और बढ़ाने के लिए योजना में बड़े संशोधनों को अधिसूचित किया है। नए आवेदन स्वीकार करने के लिए ऑनलाइन आवेदन मंच 31 दिसंबर, 2025 तक फिर से खोल दिया गया है। कपड़ा उद्योग के लिए पीएलआई योजना 24 सितंबर, 2021 को अधिसूचित की गई थी। योजना का उद्देश्य वस्त्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और पर्याप्त रोजगार देने में सक्षम बनाना है।
भारत में बड़ी संख्या में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) एआई पायलटों से आगे बढ़ रहे हैं। इससे इस क्षेत्र में नौकरियों में 11 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे 2026 तक कुल कार्यबल संख्या 24 लाख और 2030 तक 34.6 लाख हो जाएगी। एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक 13 लाख नई नौकरियां जुड़ेंगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी जीसीसी 4.0 यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। यहां पैमाने, कौशल और प्रतिभा का अनूठा और बेजोड़ तालमेल स्थापित हो रहा है। जीसीसी केवल एआई की खोज ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि कई देश एआई का उपयोग कर चुके हैं या करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे एआई मुख्यधारा बन रहा है, जीसीसी में नई भूमिकाएं उभर रही हैं। इनमें साइबर सुरक्षा और एआई गवर्नेंस आर्किटेक्ट (29 फीसदी), प्रॉम्प्ट इंजीनियर (26 फीसदी), जेनएआई उत्पाद मालिक (22 फीसदी) और एआई नीति जोखिम रणनीतिकार (21 फीसदी) शामिल हैं। यह रिपोर्ट छह भारतीय शहरों और 321 जीसीसी लीडरों से बातचीत पर आधारित है।
पेरू में जल्द शुरू होगी यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली
पेरू अगले साल तक यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली शुरू करेगा। यह जानकारी पेरू के राजदूत जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेलार्डे ने दी। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और सेंट्रल रिजर्व बैंक ऑफ पेरू (बीसीआरपी) ने सबसे पहले 2024 में पेरू में वास्तविक समय भुगतान प्रणाली शुरू करने के लिए एक ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा की थी । एक बार इसके लागू हो जाने पर, पेरू एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) तकनीक अपनाने वाला पहला दक्षिण अमेरिकी देश बन जाएगा ।
वेलार्डे ने कहा कि यह एक जटिल प्रणाली है। इस संबंध में कई विशेषज्ञ पेरू का दौरा कर रहे हैं। हम इसे अगले साल तक लागू करने की उम्मीद कर रहे हैं। इस शानदार वित्तीय उपकरण की प्रशंसा की और कहा कि यह बहुत उपयोगी होगा और पेरू में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा ।
अदाणी समूह ने एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस में विल्मर को अतिरिक्त 13% हिस्सेदारी बेची
अदाणी समूह ने एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड (पूर्व में अडाणी विल्मर लिमिटेड) में 13 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी विल्मर इंटरनेशनल की एक सहायक कंपनी को ऑफ-मार्केट लेनदेन के जरिये बेच दी है। नियामक फाइलिंग के अनुसार, अडानी कमोडिटीज एलएलपी ने एडब्ल्यूएल में 16.9 करोड़ (13 प्रतिशत) शेयर विल्मर इंटरनेशनल की सहायक कंपनी लेंस प्राइवेट लिमिटेड को बेचे।
यह बिक्री इस वर्ष की शुरुआत में घोषित व्यापक हिस्सेदारी-विनिवेश योजना का हिस्सा है, जिसके तहत विल्मर ने 275 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर AWL एग्री बिजनेस में 11 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने पर सहमति व्यक्त की थी।
हालांकि अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी और एसीएल की मूल कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड तथा एडब्ल्यूएल द्वारा दाखिल दस्तावेजों में बिक्री मूल्य का पता नहीं चला है। लेकिन 275 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अधिग्रहण की लागत 4,646 करोड़ रुपये आती है।
एसीएल के पास एडब्ल्यूएल में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। बिक्री के बाद अब उसके पास 9.09 करोड़ या एडब्ल्यूएल का 7 प्रतिशत हिस्सा है। 13 प्रतिशत खरीदने के बाद, अब लेंस के पास AWL का 56.94 प्रतिशत हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट: इंडियाबुल्स के खिलाफ आरोपों की जांच में 'अनिच्छा' पर सीबीआई की खिंचाई, सेबी की भी आलोचना
सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल), जिसे अब सम्मान कैपिटल लिमिटेड के रूप में जाना जाता है, के खिलाफ "संदिग्ध लेनदेन" के आरोपों की जांच करने के लिए सीबीआई और सेबी की "अनिच्छा" पर सवाल उठाया। अदालत ने बुधवार को एजेंसी के निदेशक को मामले को देखने के लिए सेबी, एसएफआईओ और ईडी के साथ बैठक करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने आईएचएफएल द्वारा किए गए कई अपराधों को एक साथ करने के लिए कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) की भी खिंचाई की। पीठ ने विभिन्न मामलों में अवैधताओं की जांच के अपने अधिकार क्षेत्र को लेकर बाजार नियामक द्वारा अपनाए गए "दोहरे मानकों" को लेकर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की भी कड़ी आलोचना की।
शीर्ष अदालत ने पूछा कि अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने और आरोपों की जाँच करने से कौन रोक रहा है। उसने कहा कि सीबीआई निदेशक द्वारा सेबी, एसएफआईओ और ईडी के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में, एमसीए द्वारा मामलों को बंद करना कोई बाधा नहीं होगी और अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा प्रतिनिधित्व किए जा रहे एनजीओ 'सिटिज़न्स व्हिसल ब्लोअर फोरम' द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जाँच की जाएगी।
शीर्ष अदालत ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त से आईएचएफएल के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई शिकायतों के मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा और यह भी बताने को कहा कि किस आधार पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा उक्त शिकायत की जांच करने से इनकार कर दिया गया था।
इसने निर्देश दिया कि दिल्ली पुलिस के ईओडब्ल्यू के एक वरिष्ठ अधिकारी को 3 दिसंबर को सुनवाई की अगली तारीख पर सभी मूल रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होना चाहिए। सुनवाई के दौरान, भारत के मनोनीत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कांत ने कहा, "हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि सीबीआई ने इस मामले में बहुत ही शांत रवैया और दृष्टिकोण अपनाया है। हमने पहले कभी इतना दोस्ताना रवैया नहीं देखा, जैसा इस मामले में देखने को मिला। हमें यह देखकर दुख हो रहा है।"