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Biz Update: एसबीआई ने एफडी पर ब्याज 0.20% घटाया; जेम पोर्टल पर विदेशी विक्रेताओं से खरीद की जल्द मिलेगी सुविधा

Tue, 20 May 2025 05:34 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 20 May 2025 05:34 AM IST
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बिजनेस अपडेट - फोटो : अमर उजाला
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सभी अवधि के लिए सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में 0.20 फीसदी की कटौती की है। नई दरें 16 मई से लागू हो गईं। तीन करोड़ रुपये से कम राशि की घरेलू जमा पर ब्याज दरों में कटौती सामान्य व वरिष्ठ नागरिकों दोनों के लिए है। दो से तीन वर्ष से कम अवधि की एफडी पर अधिकतम 6.7 फीसदी ब्याज मिलेगा। तीन से पांच साल से कम समय वाली जमा पर 6.55 फीसदी ब्याज मिल रहा है। पांच से 10 साल की एफडी पर 6.30 फीसदी ब्याज मिलेगा।
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कर विभाग ने ITR-U अधिसूचित किया
आयकर विभाग ने आईटीआर-यू को अधिसूचित कर दिया है, जिससे करदाताओं को प्रासंगिक आकलन वर्ष (एवाई) के अंत से 4 साल के लिए अद्यतन रिटर्न दाखिल करने की अनुमति मिलेगी। वित्त अधिनियम, 2025 ने प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से अद्यतन रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की समयावधि को 24 महीने से बढ़ाकर 48 महीने कर दिया था।
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प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति के 12 माह और 24 माह के भीतर दाखिल किए गए आईटीआर-यू के लिए क्रमशः 25 प्रतिशत और 50 प्रतिशत अतिरिक्त कर का भुगतान करना होगा। 36 महीने और 48 महीने के भीतर दाखिल किए गए आईटीआर-यू के लिए करदाता को 60 प्रतिशत और 70 प्रतिशत अतिरिक्त कर का भुगतान करना होगा।
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जेम पोर्टल पर विदेशी विक्रेताओं से खरीद की जल्द मिलेगी सुविधा
सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर जल्द ही दर अनुबंध और वैश्विक निविदा सुविधाओं को जोड़ने पर काम कर रहा है। वैश्विक निविदा सुविधाओं के शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं या विदेशी विक्रेताओं से भी खरीद-बिक्री संभव हो सकेगी। इसी तरह, दर अनुबंध के तहत सरकारी खरीदार एक तय अवधि में पूर्व निश्चित कीमतों पर उत्पाद और सेवाएं खरीद सकेंगे। ऐसे में बार-बार बोली लगाने की जरूरत कम हो जाएगी। फिलहाल ये सुविधाएं जेम पोर्टल पर नहीं हैं। जेम के सीईओ मिहिर कुमार ने कहा, हम पोर्टल को और व्यापक बनाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया, जेम ने अब तक 10 लाख से अधिक छोटे उद्योगों, 1.3 लाख से ज्यादा कारीगरों, 1.84 लाख महिला उद्यमियों और 31,000 स्टार्टअप को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। 

अदाणी समूह की कंपनी बनाएगी एंटी-सबमरीन वारफेयर सिस्टम
अदाणी समूह की कंपनी अब भारतीय नौसेना के लिए एंटी-सबमरीन वारफेयर सिस्टम (एएसडब्ल्यू) बनाएगी। डिफेंस क्षेत्र में काम करने वाली अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने अमेरिका कंपनी स्पार्टन के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते का मकसद आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत देश में सोनोबॉय और अन्य एएसडब्ल्यू प्रणालियों के संयोजन को स्थानीय बनाना है। अदाणी इंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष जीत अदाणी ने कहा, यह भारतीय नौसेना को स्वदेशी सोनोबॉय समाधान देने वाली भारत की पहली निजी कंपनी होगी। 

ईयू से फफूंदनाशक आयात पर डंपिंग-रोधी शुल्क
व्यापार उपचार महानिदेशालय ने घरेलू उद्योग को बचाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) से फफूंदनाशक ‘थिरम’ के आयात पर 733 डॉलर प्रति टन का डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। स्वरूप केमिकल्स प्राइवेट लि.ने जांच शुरू करने के लिए आवेदन किया था। 

लापरवाही से वाहन चलाने में पिछले वर्ष कटे करीब आठ करोड़ चालान
लापरवाही से वाहन चलाने का आलम यह है कि पिछले साल देशभर में आठ करोड़ चालान काटे गए। इस अवधि में करीब 12,000 करोड़ रुपये का यातायात जुर्माना लगाया गया लेकिन लोगों ने इसमें से 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम में रोजाना लगभग 4,500 चालान हुए, जबकि नोएडा में केवल हेलमेट न लगाने पर ही एक महीने में तीन लाख रुपये से अधिक के चालान कटे। कार्स24 की रिपोर्ट में बताया गया है कि सख्त नियमों के बावजूद कानून लागू करना कठिन हो रहा है। लोग नियम-कायदों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, 12,000 करोड़ रुपये का जुर्माना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह दर्शाता है कि देशभर में कितनी बार और कितनी आसानी से यातायात नियमों का उल्लंघन किया जाता है। 1,000 लोगों से बातचीत पर आधारित ई-चालान रिपोर्ट ने यह मिथक भी तोड़ दिया है कि लापरवाही बरतने में बड़े और छोटे वाहन होने से कोई फर्क पड़ता है अथवा कोई शहर या आय समूह मायने रखता है
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