Biz Updates: डेरिवेटिव सेगमेंट में शेयरों के जमा, निकासी मानदंड सख्त; केंद्र ने राज्यों को दिए 3.66 लाख करोड़
डेरिवेटिव सेगमेंट में शेयरों के जमा व निकासी मानदंड को सेबी ने सख्त कर दिया है। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक राज्यों को 3.66 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
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डेरिवेटिव सेगमेंट में शेयरों के जमा व निकासी मानदंड सख्त
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने डेरिवेटिव सेगमेंट में शेयरों के एंट्री (जमा) और एग्जिट (निकासी) के मानदंडों में कई बदलाव किए। संशोधित नियमों के तहत स्टॉक के लिए मीडियन क्वार्टर सिग्मा ऑर्डर साइज (एमक्यूएसओएस) को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा मिनिमम मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट (एमडब्ल्यूपीएल) को 500 करोड़ से तीन गुना बढ़ाकर 1,500 करोड़ कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को दिए 3.66 लाख करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक राज्यों को 3.66 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वित्त मंत्रालय ने अपने वित्तीय लेखा-जोखा की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकारों को उनके करों के हिस्से के रूप में 3,66,630 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 57,109 करोड़ रुपये अधिक है। सरकार ने जुलाई तक कुल 13,00,351 करोड़ खर्च किए हैं, जो बजट अनुमान का 27% है।
कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स 2,100 से घटकर 1,850 रुपये हुआ
केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) को 2,100 रुपये प्रति टन से घटाकर 1,850 रुपये प्रति टन कर दिया है। नई दर शनिवार से प्रभावी हो गई है। यह कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। डीजल, पेट्रोल और जेट ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर एसएईडी को ‘शून्य’ पर बरकरार रखा गया है। शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई।