Biz Updates: Paytm को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर बनने की मिली मंजूरी; RBI ने एसआरवीए खोलने की प्रक्रिया की आसान
पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज को आरबीआई से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर बनने की 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिली है। यह मंजूरी भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत दी गई है। आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार, पेटीएम केवल ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में ही काम करेगा, और इसमें 'पै-आउट' जैसे ट्रांजैक्शन शामिल नहीं होंगे। मंजूरी के तहत, पेटीएम को अपने सिस्टम का ऑडिट करवाना होगा, जिसमें साइबर सुरक्षा का भी परीक्षण होगा। यह ऑडिट CERT-In मान्यता प्राप्त ऑडिटर या CISA, DISA जैसी योग्यता रखने वाले पेशेवर द्वारा किया जाएगा। साथ ही, पेटीएम को आरबीआई की साइबर सुरक्षा और डिजिटल पेमेंट सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। यह कदम डिजिटल पेमेंट सेक्टर को और मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आरबीआई की कड़ी निगरानी से ग्राहकों का भरोसा और बढ़ेगा। यह मंजूरी पेटीएम के लिए नई संभावनाएं और आगे बढ़ने का अवसर लेकर आई है।
नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने इस्राइली कंपनियों में अपने शेयर बेचे
इस्राइल और हमास के युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में बीते 22 महीने से अधिक समय से रक्तपात जारी है। अभूतपूर्व और गंभीर मानवीय संकट के बीच नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने 11 इस्राइली कंपनियों में अपने शेयर बेच दिए हैं। प्रबंधकों ने अपने फैसले के बारे में कहा, गाजा की स्थितियों को देखते हुए, उन्होंने इस्राइल में अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के बाद नॉर्वे के तेल और गैस से होने वाले मुनाफे का निवेश बंद हो जाएगा। इस फंड के प्रबंधन ने बताया कि इस साल की पहली छमाही के अंत तक वे 61 इस्राइली कंपनियों में निवेश कर रहे थे। पिछले हफ़्ते उन 11 कंपनियों में अपने सभी निवेश बेचने का फैसला किया जो नॉर्वे के वित्त मंत्रालय के इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल नहीं हैं।
रेलवे के अहमदाबाद मंडल का माल परिवहन में कीर्तिमान
पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल, इस जोन का प्रमुख माल लदान मंडल है, जो पश्चिम रेलवे द्वारा लदान किए जाने वाले कुल माल ढुलाई का लगभग 40% योगदान देता है। इस मंडल में मुंद्रा, टुना टेकरा और कांडला जैसे तीन बड़े बंदरगाह हैं, जो गांधीधाम क्षेत्र में स्थित हैं जो मंडल के कुल माल यातायात का 80% से अधिक योगदान देते हैं। मंडल से विभिन्न प्रकार का माल भेजा जाता है, जिसमें कंटेनर में भरा माल, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद, आयातित कोयला, नमक, गाड़ियां, खाने का तेल और बेंटोनाइट आदि शामिल हैं। मंडल के माल परिवहन कार्यों को मजबूत बनाने के लिए इसमें कुल 76 माल ढुलाई केन्द्र हैं, जिनमें 07 गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल, 06 निजी माल टर्मिनल, 16 निजी साइडिंग, 37 गुड्स शेड और 08 बंदरगाह टर्मिनल शामिल हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में इन सुविधाओं से लगभग 46.77 मिलियन टन माल का लदान किया गया। इस कुल लोडिंग में से मुंद्रा बंदरगाह का योगदान 21.33 मिलियन टन, कांडला बंदरगाह का 6.10 मिलियन टन और टुना टेकरा बंदरगाह का 1.27 मिलियन टन रहा, जो मिलाकर मंडल की कुल लोडिंग का लगभग 61.36% बनता है।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) का कहना है कि देश में कंपनियों को सीधे स्पेक्ट्रम आवंटन करना उचित नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि दूरसंचार उद्योग की राष्ट्रीय राजस्व के साथ लागत बोझ व सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं। कुछ उद्योग निकायों ने अपने हित में अमेरिका, फिनलैंड, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ समानताएं स्थापित की हैं। इन देशों में निजी नेटवर्क तैनात हैं। सीओएआई ने कहा, उद्यमों के लिए स्वतंत्र निजी नेटवर्क स्थापित करना सस्ता होगा, यह भ्रामक है।
घरेलू बाजार में स्मार्टफोन की आपूर्ति इस साल पहली छमाही (जनवरी-जून) में 0.9 फीसदी बढ़कर सात करोड़ इकाई पहुंच गई। वहीं, एपल के आईफोन की आपूर्ति 21.5 फीसदी बढ़कर 59 लाख इकाई पर पहुंच गई। आईफोन16 सबसे अधिक बिकने वाला मॉडल रहा। बाजार अनुसंधान कंपनी आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी स्मार्टफोन कंपनियों वनप्लस, पोको, शाओमी और रियलमी की आपूर्ति में गिरावट आने से एपल के प्रदर्शन में मजबूती आई है। वहीं, जून तिमाही में एपल की आपूर्ति 19.7 फीसदी बढ़कर 27 लाख इकाई रही। इसके साथ ही भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एपल की हिस्सेदारी 7.5 फीसदी हो गई। इस दौरान 19 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ वीवो ने लगातार छठी बार सबसे आगे रही। सैमसंग 14.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। वनप्लस की हिस्सेदारी घटकर 2.5 फीसदी, रियलमी की 9.7 फीसदी और शाओमी की 9.6 फीसदी रह गई।
सेबी ने कम जोखिम लेने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए सिंगल विंडो योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका मकसद अनुपालन को सरल बनाना और निवेश गंतव्य के रूप में देश के आकर्षण को बढ़ाना है। अगर नया ढांचा एफआईआई के लिए एकल खिड़की स्वचालित एवं सामान्यीकृत पहुंच (स्वागत-एफआई) लागू होता है, तो कम जोखिम वाले विदेशी निवेशकों को निवेश तक आसान पहुंच मिलेगी। सेबी ने सर्कुलर में कहा, इस कदम से विभिन्न निवेश मार्गों पर एकीकृत पंजीकरण प्रक्रिया संभव होगी। ऐसी संस्थाओं के लिए दस्तावेजीकरण और बार-बार अनुपालन में कमी आएगी। 30 जून, 2025 तक देश में 11,913 पंजीकृत एफपीआई थे। इनके पास 80.83 लाख करोड़ की संपत्ति थी। अनुमान है कि इस संपत्ति में स्वागत-एफआई का योगदान 70 फीसदी से अधिक होगा। कम जोखिम वाले एफआईआई में सरकारी फंड, केंद्रीय बैंक, सॉवरेन वेल्थ फंड, बहुपक्षीय संस्थाएं, उच्च विनियमित सार्वजनिक खुदरा फंड और बीमा कंपनियां शामिल हैं।
धान की बुआई का रकबा 12 फीसदी बढ़ा, कपास और तिलहन का घटा
खरीफ मौसम में अब तक धान की बुअाई का रकबा 12 फीसदी बढ़कर 364.80 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में 325.36 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई हुई थी। कृषि विभाग की ओर जारी आंकड़ों के मुताबिक, 8 अगस्त, 2025 तक सभी खरीफ फसलों की कुल बुआई का रकबा 995.63 लाख हेक्टेयर हो गया, जो एक साल पहले 957.15 लाख हेक्टेयर था। दलहनों की बुआई का रकबा 106.52 लाख हेक्टेयर से मामूली बढ़कर 106.68 लाख हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाजों का बुआई रकबा बढ़कर 178.73 लाख हेक्टेयर हो गया। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का रकबा घटकर 175.61 लाख हेक्टेयर रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 182.43 लाख हेक्टेयर था। कपास के रकबे में भी गिरावट आई है और यह 110.49 लाख हेक्टेयर से कम होकर 106.96 लाख हेक्टेयर रह गया। हालांकि, गन्ने की बुआई का रकबा मामूली बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 55.68 लाख हेक्टेयर था।
ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक ने तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की। बैंक ने इस साल ब्याज दरों को एक चौथाई प्रतिशत घटाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया। महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि में ठहराव के बीच यह कदम उठाया गया है। नई दर मार्च 2023 के बाद से सबसे कम है। वहीं बैंक ने अपनी नकद दर को घटाकर 3.85 प्रतिशत कर दिया है। यह मई में 4.1 प्रतिशत था।
सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मिलेगा 23.75 लाख रुपये का मुआवाजा
महाराष्ट्र के ठाणे में 2021 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव के परिवार को 23.75 लाख रुपये का मुआवाजा मिलेगा। मोटर दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मृतक के परिवार की अपील पर ट्रक चालक और बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए मुआवजे देने का आदेश दिया है।
33 वर्षीय हनीफ शाहिद कुरैशी 21 मार्च 2021 को डिलीवरी के लिए अपनी मोटरसाइकिल से महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी की ओर जा रहे थे। तभी मुंबई-नासिक राजमार्ग पर कलवा इलाके के खारेगांव में एक ट्रक ने उनके दोपहिया वाहन को पीछे से टक्कर मार दी। कुरैशी को गंभीर चोटें आईं और अगले दिन कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। एमएसीटी ने पाया कि ट्रक चालक की लापरवाही और तेज गति से यह दुर्घटना हुई।
अकासा एयर सितंबर से मुंबई-फुकेत की उड़ानें शुरू करेगी
अकासा एयर ज्लद ही मुंबई से थाईलैंड के फुकेत की उड़ाने शुरू करेगी। यह उड़ाने 20 सिंतबर से शुरू की जाएगी। तीन साल पुरानी एयरलाइन दक्षिण पूर्व एशिया में प्रवेश के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार कर रही है। 30 विमानों के बेड़े के साथ, एयरलाइन वर्तमान में 23 घरेलू और 5 अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भरती है।
फुकेत इस एयरलाइन के लिए छठा विदेशी गंतव्य होगा। वर्तमान में एयरलाइन पांच विदेशी गंतव्यों - दोहा (कतर), जेद्दा, रियाद (सऊदी अरब), अबू धाबी (यूएई) और कुवैत सिटी (कुवैत) के लिए उड़ान भरती है।
आरबीआई ने एसआरवीए खोलने की प्रक्रिया को आसान किया
भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि अब गैर-निवासी (विदेशी) जो स्पेशल रुपी वस्ट्रो अकाउंट (एसआरवीए) रखते हैं, वे अपने रुपये के अधिशेष (बचत) को केंद्रीय सरकारी प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिल्स में निवेश कर सकेंगे। एसआरवीए खाते विदेशी संस्थाएं भारतीय बैंकों में खोलती हैं, ताकि वे रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेन-देन कर सकें। आरबीआई ने सभी अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंकों को यह सूचना तुरंत लागू करने और अपने ग्राहकों को बताने का निर्देश दिया है।
हाल ही में आरबीआई ने एसआरवीए खोलने की प्रक्रिया को आसान किया है, ताकि रुपये में व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि भारत, अन्य देशों की तरह, अपनी मुद्रा में व्यापार को लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम कर रहा है।