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Biz Updates: सरकार ने एसबीआई एमडी का कार्यकाल बढ़ाया, जानिए मणिपुर में ईडी ने क्यों की छापेमारी

Wed, 17 Dec 2025 05:47 AM IST
हिमांशु चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 17 Dec 2025 05:47 AM IST
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बिजनेस अपडेट - फोटो : अमर उजाला

सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी का कार्यकाल दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय बैंक (एसबीआई) ने बुधवार को एक नियामक फाइलिंग में बताया कि केंद्र सरकार ने अश्विनी कुमार तिवारी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में प्रबंध निदेशक के रूप में उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से, उनके वर्तमान अधिसूचित कार्यकाल (जो 27 जनवरी, 2026 को समाप्त हो रहा है) से आगे, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि (31 दिसंबर, 2027) तक के लिए पुनः नियुक्त किया है।

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ईडी ने स्वयंभू ‘मणिपुर राज्य परिषद’ से जुड़े नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी
ईडी ने स्वयंभू 'मणिपुर राज्य परिषद के मुख्यमंत्री' याम्बेम बिरेन और स्वयंभू 'मणिपुर राज्य परिषद के विदेश मामलों और रक्षा मंत्री' नरेंगबम समरजीत के ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई इम्फाल में स्थित पांच अलग-अलग परिसरों में की जा रही है, जो दोनों आरोपियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
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आरोपी सलाई ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमुख व्यक्ति हैं। मामला वर्ष 2019 में लंदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है, जिसमें याम्बेम बिरेन और नरेंगबम समरजीत ने खुद को क्रमशः 'मणिपुर राज्य परिषद का मुख्यमंत्री' और 'विदेश मामलों व रक्षा मंत्री' बताते हुए सार्वजनिक रूप से मणिपुर की भारत संघ से 'स्वतंत्रता' की घोषणा की थी। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने, राजद्रोह और विभिन्न समुदायों के बीच असामंजस्य, शत्रुता और घृणा को बढ़ावा देने की श्रेणी में आती हैं। 
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स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के एआई केंद्रों को 80 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता देगा गूगल
गूगल ने भारत के स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और सस्टेनेबल शहरों के लिए बने एआई उत्कृष्टता केंद्रों को 80 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, स्वास्थ्य फाउंडेशन मॉडल के विकास में सहयोग के लिए 4 लाख डॉलर देगा। भारतीय भाषाओं के समाधान प्रदान करने वाले मॉडल बनाने के लिए ग्नानी.एआई, कोरोवर.एआई व भारतजेन को 50,000 डॉलर का अनुदान भी दे रहा है। गूगल की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस बयान के अनुसार, वह स्वास्थ्य और कृषि के लिए बहुभाषी एआई संचालित एप्लिकेशन का समर्थन करने के लिए वधवानी एआई को 45 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। कंपनी ने कहा, ये घोषणाएं एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए गूगल की ओर से किए गए नए सहयोगों और वित्तीय प्रतिबद्धताओं की शृंखला को दर्शाती हैं।

म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकरों के नियमों की होगी समीक्षा
बाजार नियामक सेबी शेयर और म्यूचुअल फंड हाउस के ब्रोकरों के नियमों की समीक्षा करेगा। साथ ही, अनिवासी भारतीयों के लिए केवाईसी जरूरतों में ढील देने और क्लोजिंग ऑक्शन सत्र भी शुरू करने पर चर्चा होगी। बोर्ड की बुधवार को बैठक होगी। इसमें नियामक के चेयरमैन सहित उच्च अधिकारियों की संपत्तियों को सार्वजनिक करने पर भी विचार किया जाएगा। सेबी बोर्ड एक उच्च स्तरीय पैनल की रिपोर्ट पर विचार करेगा, जिसमें हितों के टकराव से बचने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्तियों के सार्वजनिक खुलासे की सिफारिश की गई है। बैठक में नियामक पैनल की रिपोर्ट पर चर्चा होगी।

इसमें सेबी के शीर्ष अधिकारियों के हितों के टकराव को दूर करने के लिए अधिक खुलासे के जरिये पारदर्शिता लाने के लिए सुधारों का प्रस्ताव है। पैनल ने नवंबर में पांडे को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में सुरक्षित व गुमनाम व्हिसलब्लोअर प्रणाली स्थापित करने, महंगे उपहारों पर प्रतिबंध लगाने और मुख्य आचार एवं अनुपालन अधिकारी का पद सृजित करने की भी सिफारिश है। म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकर के नियमों के संबंध में पहले ही विनियमों पर परामर्श पत्र जारी किए गए थे। अक्तूबर में म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन के प्रस्ताव पर परामर्श पत्र जारी किया था। इसमें कुल खर्च अनुपात (टीईआर) की स्पष्ट परिभाषा व ब्रोकरेज शुल्कों पर संशोधित सीमाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और गैर जरूरतों को कम करना और अनुपालन को आसान बनाना है। एजेंसी

प्रस्तावित ढांचे के तहत सेबी ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की ओर से म्यूचुअल फंड योजनाओं पर लगने वाले अतिरिक्त खर्च 0.05 फीसदी को हटाने की योजना बनाई है। पहली बार 2012 में 0.20 फीसदी व 2018 में घटाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया था। सेबी ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स, जीएसटी, कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स और स्टांप ड्यूटी जैसे सभी करों को टीईआर से बाहर रखने का सुझाव दिया है। साथ ही ब्रोकरेज, एक्सचेंज और नियामक शुल्कों के लिए वर्तमान में मंजूर खर्चों को भी शामिल करने की बात कही है।

भारतीय निवेशक अब विदेशी बाजारों मे भी कर रहे निवेश
यह दूसरी बार है जब तिवारी को दो साल का विस्तार मिला है। पहली बार उन्हें 2024 में विस्तार मिला था। उन्हें जनवरी 2021 में तीन साल के प्रारंभिक कार्यकाल के लिए एसबीआई के एमडी के रूप में नियुक्त किया गया था। एसबीआई के बोर्ड की अध्यक्षता चेयरमैन करते हैं और उनकी सहायता के लिए चार प्रबंध निदेशक होते हैं।
 

भारतीय निवेशक धीरे-धीरे और बुद्धिमान बनते जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये निवेशक अब केवल एक ही शेयर में निवेश करने के बजाय अमेरिकी शेयर बाजार, इंडेक्स और थीमेटिक ईटीएफ, निजी बाजार के अवसरों और वैश्विक फंडों में भी निवेश कर रहे हैं। वेस्टेड फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार, यह पोर्टफोलियो निर्माण के अधिक सुनियोजित दृष्टिकोण और वैश्विक बाजार में भागीदारी को लेकर बढ़ती सहजता को दर्शाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शोध, डिजिटल साधनों और शिक्षा तक पहुंच ने इस बदलाव को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खासकर महानगरों से बाहर के शहरों में। रुपये की कीमतों में गिरावट ने वैश्विक निवेश को और भी प्रासंगिक बना दिया है। लगातार अवमूल्यन से दीर्घकालिक परिणाम ऐसे बदलते हैं जिन्हें अक्सर मुख्य आंकड़े पूरी तरह नहीं दर्शा पाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी इक्विटी और डेट में निवेश 2018-19 के 42.2 करोड़ डॉलर से चार गुना बढ़कर 2024-25 में 1.7 अरब डॉलर हो गया।

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