Biz Update: पहली तिमाही में वाहन निर्यात 15.5% बढ़ा; IOC में भी रेसिंग कार ईंधन उत्पादन, ऐसी पहली भारतीय कंपनी
देश से वाहनों का निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सालाना आधार पर 15.5 फीसदी बढ़कर 11,92,577 इकाई पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में 10,32,449 वाहनों का निर्यात किया गया था। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में यात्री वाहनों का निर्यात 19 फीसदी बढ़कर 1,80,483 इकाई पहुंच गया। मारुति सुजुकी 69,962 वाहनों के निर्यात के साथ सबसे आगे रही। दूसरे स्थान पर काबिज ह्यूंडई ने 42,600 गाड़ियों का निर्यात किया।
- देश से दोपहिया वाहनों का निर्यात 17 फीसदी बढ़कर 9,23,148 इकाई पहुंच गया। वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात भी सालाना आधार पर आठ फीसदी बढ़कर 15,741 इकाई पहुंच गया। तिपहिया वाहनों के निर्यात में तीन फीसदी गिरावट रही।
- आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 45,00,492 वाहनों का निर्यात किया। 2022-23 में यह आंकड़ा 47,61,299 इकाई रहा था।
आईओसी ने शुरू किया रेसिंग कार में इस्तेमाल होने वाले ईंधन का उत्पादन
इंडियन ऑयल ने रेसिंग कार में इस्तेमाल होने वाले ईंधन स्टॉर्म-एक्स का उत्पादन शुरू किया है और इसकी पहली खेप भेज दी है। इसके साथ ही, वह एफ1 रेसिंग में इस्तेमाल होने वाले ईंधन का उत्पादन करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। इंडियन ऑयल के निदेशक (विपणन) वी सतीश कुमार ने कहा, ओडिशा के पारादीप में उसकी रिफाइनरी ने स्टॉर्म-एक्स का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह हाई ऑक्टेन पेट्रोल विशेष रूप से रेसिंग कारों के लिए तैयार किया गया है।
गोदरेज ने लॉन्च किया गुडनाइट फ्लैश
घरेलू कीटनाशकों की श्रेणी में अग्रणी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लि. (जीसीपीएल) ने अपने नए गुडनाइट फ्लैश लिक्विड वेपोराइजर में रेनोफ्लुथ्रिन फॉर्मूलेशन पेश कर रहा है, जो भारत का सबसे प्रभावशाली लिक्विड वेपोराइजर है। यह देश का पहला स्वदेशी रूप से विकसित और पेटेंट किया गया मॉलिक्यूल है जो मच्छर नियंत्रण के लिए सबसे प्रभावी लिक्विड वेपोराइजर फॉर्मूलेशन बनाता है। जीसीपीएल के एमडी और सीईओ सुधीर सीतापति ने कहा, रेनोफ्लुथ्रिन से बने फॉर्मूलेशन भारत में वर्तमान में उपलब्ध लिक्विड वेपोराइजर फॉर्मेट में किसी भी अन्य फॉर्मूलेशन की तुलना में दोगुना प्रभावी है।
ईपीएफओ से 27 प्रतिष्ठानों ने छूट वापस ली, फंड में जुड़े 1,689 करोड़
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की बेहतर सेवाओं के कारण पिछले दो वर्षों में 27 प्रतिष्ठानों ने अपनी छूट वापस ले ली है। इससे लगभग 30,000 कर्मचारी जुड़ गए हैं और ईपीएफओ के तहत फंड में 1688.82 करोड़ रुपये की राशि शामिल हो गई है। श्रम और रोजगार मंत्रालय के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि प्रतिष्ठान अपने कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) का प्रबंधन ईपीएफओ से कराने को तरजीह दे रहे हैं। इससे उन्हें अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलता है।