Business Update: आईसीएआई ने ईवाय इंडिया की दो कंपनियों को लगाई फटकार, तीन संस्थाओं को माना दोषी
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चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की सर्वोच्च संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने ईवाय इंडिया से जुड़ी तीन संस्थाओं को पेशेवर कदाचार का दोषी माना है। आईसीएआई ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अधिनियम के उल्लंघन के लिए दो संस्थानों को फटकार लगाई है। आईसीएआई ने सीए राज कुमार अग्रवाल को पेशेवर कदाचार का दोषी पाया है।
25 अप्रैल को जारी आईसीएआई के आदेश के अनुसार, तीन संस्थाएं हैं:
- एस. आर. बटलीबोई एंड एसोसिएट्स, एलएलपी (पूर्व में एस. आर. बटलीबोई एंड एसोसिएट्स के नाम से जाना जाता था)
- एस.आर.बी.सी एंड कंपनी, एलएलपी (पूर्व में एस.आर. बटलीबोई एंड कंपनी के नाम से जाना जाता था)
- एस. आर. बटलीबोई एंड कंपनी, एलएलपी (पहले इसे एस. आर. बटलीबोई एंड कंपनी के नाम से जाना जाता था।
सेबी ने ग्रोपिटल पर लगाया प्रतिबंध
बाजार नियामक सेबी ने फार्म टेक साइलो एलएलपी को धन संग्रह मामले की जांच रिपोर्ट सामने आने तक प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया है। साइलो एलएलपी को ग्रोपिटल के नाम से भी जाना जाता है। कंपनी पर अनधिकृत निवेश योजनाओं के माध्यम से धन संग्रह करने का आरोप है। वहीं, सेबी ने अपने पहले आदेश को संशोधित किया और ग्रोपिटल के निदेशकों ऋतुराज शर्मा, गायत्री रिनवा और कृष्णा शर्मा के बैंक खातों को खोल दिया है।
अपीलीय ट्रिब्यूनल एनसीएलएटी ने कर्ज में डूबी कंपनी के प्रमुख बैंकर पीएनबी द्वारा प्रदान किए गए आईटीपीसीएल के परिसमापन मूल्य का विरोध करने वाली एसबीआई की याचिका खारिज कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि देश का सबसे बड़ा ऋणदाता आईएल एंड एफएस समूह की थर्मल पावर कंपनी की ऋण पुनर्गठन प्रक्रिया को टाल नहीं सकता।
विदेशी निवेशकों ने 6,304 करोड़ रुपये निकाले
मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि से विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने चालू माह में घरेलू शेयर बाजार से 6,304 करोड़ निकाले हैं। इस वजह से पिछले हफ्ते बाजार पर दबाव रहा। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि से इक्विटी और बॉन्ड दोनों में एफपीआई ने निकासी की। विदेशी निवेशकों ने मार्च में 35,098 करोड़ व फरवरी में 1,539 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
448 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 5.5 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि
देश में कम-से-कम 448 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनकी दिसंबर तिमाही 2023 के दौरान 5.5 लाख करोड़ रुपये लागत बढ़ गई हैं। यह मंजूर लागत से 65 फीसदी अधिक है। यह वे परियोजनाएं हैं जिनमें 150 करोड़ से ज्यादा का निवेश शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक, नई स्वीकृत लागत के संबंध में 292 परियोजनाओं की 2,89,699 करोड़ रुपये की लागत बढ़ी है। 276 परियोजनाओं में समय और लागत दोनों बढ़ी हैं। 1,897 परियोजनाओं में से 56 तय समय से आगे थीं।
632 परियोजनाएं तय समय पर थीं। 902 परियोजनाओं के पूरा होने में देरी हुई है। इन 1,897 परियोजनाओं की अनुमानित लागत 31.74 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।