Biz Updates: 5जी उपभोक्ताओं में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर; सेबी ने 12 संस्थाओं पर पांच साल का बैन लगाया
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भारत 5जी के यूजर्स के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यहां कुल 40 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, पहले स्थान पर चीन है। दुनिया में इस तकनीक को तेजी से अपनाने में भारत आगे है। सिंधिया ने बताया, भारत किस प्रकार पैमाने, गति और डिजिटल परिवर्तन के मामले में वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। 2022 में लॉन्च होने के बाद से 5जी सेवाएं 99.6 फीसदी ग्राहकों तक पहुंच चुकी हैं। 85 फीसदी आबादी इससे लाभान्वित हो चुकी है।
संचार मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2025 तक दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने 4.69 लाख 5जी बेस ट्रांससीवर स्टेशन स्थापित किए हैं। यह 5जी नेटवर्क के तेज विस्तार में से एक है। 5जी के लॉन्च के बाद से 25 करोड़ मोबाइल ग्राहक इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं। सिंधिया ने कहा, दुनिया के अन्य हिस्सों में ऐसी तकनीक विकसित करने में दशकों का समय लगा। भारत ने इसे दो साल में विकसित किया। भारत ने 6जी मिशन के तहत स्वदेशी 6जी अनुसंधान और विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
बजट से बाजार तक का सफर...पहला वेबिनार आज
बजट हर बार सुनते हैं, इस बार समझने का मौका है। इस बार बजट भाषण के दौरान आप पता कर पाएंगे कि बजट से शेयर बाजार में किस सेक्टर के किन शेयरों पर असर पड़ेगा। कौन से शेयर बढ़ सकते हैं और किन शेयरों में गिरावट आ सकती है। यह भी पता चल सकेगा कि किन म्यूचुअल फंड स्कीमों में निवेश से फायदा होगा।
आप जान पाएंगे कि बजट के बाद कौन सी कमोडिटीज के दाम बढ़ या घट सकते हैं। इन सबके लिए बजट की बारीकियां समझनी होंगी और इन्हें समझाने के लिए द बोनस वेबिनार सीरीज का आयोजन कर रहा है। इस वेबिनार सीरीज में द बोनस के संपादक अंशुमान तिवारी, जाने-माने अर्थशास्त्री आलोक पौराणिक और शुभम शंखधर बताएंगें कि बजट को देखकर-समझकर बाजार का कैसे अनुमान लगाएं। n द बोनस टीम
बताई जाएंगी घोषणाओं के पीछे की कहानी
- सीरीज का पहला वेबिनार बजट से पहले 17 जनवरी को सुबह 11 बजे होगा। इसमें बताया जाएगा कि बजट को कैसे सुना और पढ़ा जाए, कौन-सी बातें सबसे महत्वपूर्ण होती हैं और किन आंकड़ों पर आपको विशेष ध्यान देना चाहिए।
- दूसरा वेबिनार 2 फरवरी को शाम 5 बजे होगा, जिसमें बजट के बाद बाजार की दिशा पर फोकस रहेगा। इसमें चर्चा होगी कि बजट के बाद सोने में तेजी आएगी या नहीं। शेयर बाजार, बीमा क्षेत्र, म्यूचुअल फंड व क्रिप्टो किस दिशा में जाएगा।
- तीसरा वेबिनार 4 फरवरी को दोपहर 3 बजे आयोजित होगा। इसमें बजट घोषणाओं के पीछे की असली कहानी सामने लाई जाएगी।
अवैध शेयर ट्रेडिंग मामले में सेबी ने की कार्रवाई
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने फ्रंट-रनिंग (अवैध तरीके से शेयर की ट्रेडिंग) के एक मामले में 12 संस्थाओं को प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है और उन पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने इन संस्थाओं को 1.07 करोड़ रुपये की अवैध कमाई 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिनों के भीतर निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष में जमा कराने का भी निर्देश दिया है।
102 पेज के अंतिम आदेश में सेबी ने पाया कि बड़े क्लाइंट (मंगल केशव फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर परेश एन भगत) ने अपने डीलरों, आशीष एस पारेख और राजेश जोशी के जरिये ऑर्डर दिए थे, जिनके पास गैर-सार्वजनिक सूचना (एनपीआई) थी।
आदेश में कहा गया है कि पारेख और जोशी ने यह गोपनीय जानकारी नागेंद्र एस दुबे और चिराग अतुल पिथडिया के साथ साझा की थी, जिन्होंने इसे आगे जुड़े खातों में पहले से सौदे करने के लिए इस्तेमाल किया। नियामक ने कहा कि गैर-सार्वजनिक सूचना के आधार पर की गई ट्रेडिंग धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आती है।
पीएलआई योजना में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का दमदार प्रदर्शन
परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, खासकर मोबाइल फोन उत्पादन, सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनकर उभरा है। केयरएज रेटिंग्स के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 146 प्रतिशत बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपये से 5.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी में करीब 4 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का अहम योगदान रहा, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत निवेश पीएलआई योजना के लाभार्थियों को मिला। हालांकि, केयरएज ने यह भी बताया कि पीएलआई योजना के लिए घोषित कुल बजटीय प्रावधान और वास्तविक वितरण के बीच बड़ा अंतर है। 14 सेक्टरों को कवर करने वाली PLI योजना के लिए कुल 1.97 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि सितंबर 2025 तक कुल PLI भुगतान केवल 23,946 करोड़ रुपये रहा है, जो अनुमानित कुल वितरण का करीब 12 प्रतिशत है।
भारत का परिधान रिटेल बाजार तेजी से बढ़ने को तैयार
भारत का परिधान (अपैरल) रिटेल बाजार अगले पांच वर्षों में तेज विस्तार के लिए तैयार है और 2029-30 तक इसका आकार करीब 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह अनुमान केयरएज रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती डिस्पोजेबल आय, तेज डिजिटलाइजेशन और वैल्यू फैशन व ई-कॉमर्स की मजबूत वृद्धि इस विस्तार के प्रमुख कारण होंगे।
केयरएज के अनुसार, 2024-25 में भारत के अपैरल बाजार का आकार करीब 9.30 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। यह बाजार 2017-18 के बाद से करीब सात प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल संगठित रिटेल की हिस्सेदारी कुल बाजार में लगभग 41 प्रतिशत है। हालांकि, आने वाले वर्षों में यह सेगमेंट तेज गति से बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि संगठित रिटेल 10 से 13 प्रतिशत की दर से विस्तार करेगा।
गुजरात में मारुति सुजुकी का नया प्लांट, 35000 करोड़ रुपये का निवेश
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड गुजरात के खोराज में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट विकसित करेगी। इस परियोजना में कंपनी करीब 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और यहां सालाना 10 लाख कारों के उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी। इस प्लांट से लगभग 12,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। गांधीनगर में आयोजित एक समारोह में गुजरात सरकार और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के बीच निवेश पत्र सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक हिताची ताकेउची उपस्थित रहे।
राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना 'मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड' के लक्ष्य की दिशा में गुजरात का एक और अहम कदम है। नया प्लांट गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) द्वारा उपलब्ध कराई गई लगभग 1,750 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा।
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिर हुआ भरोसा
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में अक्तूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान सेंटिमेंट स्थिर होता दिखा। नाइट फ्रैंक-नारेडको रियल एस्टेट सेंटिमेंट इंडेक्स के 47वें संस्करण के मुताबिक, मौजूदा और भविष्य दोनों ही दृष्टिकोण आशावादी दायरे में बने रहे। रिपोर्ट के अनुसार, करेंट सेंटिमेंट स्कोर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में मामूली बढ़त के साथ 60 पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 59 था। वहीं, फ्यूचर सेंटिमेंट स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 61 पर स्थिर रहा। ये आंकड़े अगले छह महीनों के लिए संतुलित उम्मीदों का संकेत देते हैं।
इंडेक्स में सुधार के पीछे बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक दृश्यता, महंगाई के दबाव में नरमी और स्थिर फंडिंग कंडीशंस को प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि, सेंटिमेंट अभी भी 2023-24 के उच्च स्तर से नीचे बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद सेक्टर में भरोसा कायम है।
कर्नाटक सरकार और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच साझेदारी
कर्नाटक सरकार और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने शनिवार को बंगलूरू में एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के लिए साझेदारी की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि इस परियोजना पर फाउंडेशन अगले पांच वर्षों में करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चिकित्सा शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत बेंगलुरु में एक हजार बिस्तरों वाला चैरिटेबल सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा, जिसमें ह्यूमन मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।