Biz Updates: पहली छमाही में GDP वृद्धि 7.6 % रहने का अनुमान; RBI ने कहा- महंगाई के अनुमान में कोई पक्षपात नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक के महंगाई के पूर्वानुमान में कोई व्यवस्थित पूर्वाग्रह नहीं है। यह विशेष तरीके से पक्षपाती नहीं है। केंद्रीय बैंक की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा, केंद्रीय बैंक अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमानों पर पहुंचने के लिए विभिन्न मॉडलों और विशेषज्ञ चर्चाओं का उपयोग करता है। अनुमानों का गलत होना एक वैश्विक घटना है।
गुप्ता ने कहा, मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को लेकर चिंताएं संख्या के अति-अनुमान से उत्पन्न होती हैं। हर अनुमान में पूर्वानुमान त्रुटियों का जोखिम होता है। ऐसा कोई भी पूर्वानुमानकर्ता नहीं है जो हर बार सही हो। केंद्रीय बैंक भुगतान संतुलन के आंकड़े मासिक आधार पर जारी करने पर भी विचार हो रहा है। अभी यह तिमाही आधार पर जारी होता है। ब्याज दरों में कटौती अर्थव्यवस्था के लिए मददगार होती और संभवतः अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव कम होता। गुप्ता ने कहा, उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (सीपीआई) पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आगामी संशोधन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मददगार होंगे।
पहली छमाही में 7.6% रहेगी जीडीपी वृद्धि दर
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, दो तिमाहियों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। इन्हें मजबूत विनिर्माण, सेवाओं और सरकारी खर्च का समर्थन मिला। कम निर्यात और सरकारी पूंजीगत खर्च की धीमी गति के कारण दूसरी छमाही में विकास की गति 6.4 फीसदी तक धीमी हो सकती है। एजेंसी
आईएलएंडएफएस ने चुकाया 48,463 करोड़
नई दिल्ली। कर्ज में डूबे आईएलएंडएफएस समूह ने सितंबर तक लेनदारों को 61,000 करोड़ रुपये के कुल ऋण समाधान लक्ष्य में से 48,463 करोड़ चुका दिया है। दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण में दायर रिपोर्ट के अनुसार, मार्च तक चुकाए गए 45,281 करोड़ से यह 7 फीसदी अधिक है। आईएलएंडएफएस ने 99,355 करोड़ के कर्ज में से 61,000 करोड़ चुकाने का लक्ष्य रखा है। एजेंसी
सलाहकारों की शैक्षणिक योग्यता में सेबी की ढील
नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों के लिए शैक्षणिक योग्यता मानदंडों में ढील दी है। इससे किसी भी विषय से स्नातक उम्मीदवार पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। अभी पंजीकरण के लिए वित्त, व्यवसाय प्रबंधन, वाणिज्य, अर्थशास्त्र या पूंजी बाजार जैसे संबंधित क्षेत्रों में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री जरूरी है। एजेंसी
सऊदी में तांबा-सोना का उत्पादन करेगी वेदांता
नई दिल्ली। भारत में तांबा उत्पादन करने वाली वेदांता अब सऊदी अरब में भी तांबा और सोना निकालेगी। यह पहली बार होगा कि कोई भारतीय कंपनी सऊदी अरब में दो अरब डॉलर का निवेश करके वहां तांबा रिफाइनरी स्थापित करने जा रही है। कंपनी को हाल में सऊदी अरब से लाइसेंस मिला है। कंपनी की योजना अगले वित्त वर्ष तक कॉपर रॉड यूनिट शुरु करने की है। एजेंसी
पेटीएम को आरबीआई से मिला पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस
फिनटेक फर्म वन97 की सहायक कंपनी पेटीएम को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए आरबीआई की मंजूरी मिल गई है। आरबीआई ने अगस्त 2025 में पेटीएम को पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। अब 26 नवंबर 2025 को जारी सर्टिफिकेट ऑफ ऑथराइजेशन के साथ कंपनी को आधिकारिक रूप से यह लाइसेंस प्राप्त हो गया है।
इसके साथ ही आरबीआई ने नवंबर 2022 में पेटीएम पर लगाए गए नए मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने के प्रतिबंध को भी हटा दिया है। इससे कंपनी को अपने भुगतान कारोबार को दोबारा तेजी से विस्तार देने का मौका मिलेगा।
केंद्र ने 305 करोड़ रुपये की टेक्स-रैम्पस योजना को मंजूरी दी
केंद्र सरकार ने देश के वस्त्र उद्योग में अनुसंधान, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स-रैम्पस) को मंजूरी दे दी है। वस्त्र मंत्रालय के अनुसार यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए कुल 305 करोड़ रुपये के व्यय प्रावधान के साथ पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित होगी।
मंत्रालय ने बताया कि टेक्स-रैम्पस का उद्देश्य देश के टेक्सटाइल्स और एपैरल (टीएंडए) सेक्टर को भविष्य के लिए तैयार करना है। योजना के तहत अनुसंधान, आकलन, निगरानी, डेटा-आधारित योजना और स्टार्टअप समर्थन को एकीकृत कर वस्त्र उद्योग के सभी स्तरों पर आधुनिक क्षमताएं विकसित की जाएंगी।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने योजना की घोषणा करते हुए कहा कि टैक्स-रैम्पस देश की टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को सस्टेनेबिलिटी, तकनीक और प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने के लिए तैयार की गई है।
बायजू रवींद्रन ग्लास ट्रस्ट के आरोपों देंगे चुनौती, अमेरिका में करेंगे 2.5 अरब डॉलर के हर्जाने का दावा
बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन अमेरिकी अदालत में 2.5 अरब डॉलर (USD) का क्षतिपूर्ति दावा दायर करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि वे नए साक्ष्य पेश करेंगे जो ग्लास ट्रस्ट के उन आरोपों को गलत साबित करते हैं, जिनमें कहा गया था कि संस्थापकों ने ‘अल्फा फंड्स’ से 533 मिलियन डॉलर (USD) की रकम डायवर्ट कर उनका गबन किया। पिछले सप्ताह डेलावेयर दिवालियापन न्यायालय ने एक डिफॉल्ट आदेश में रवींद्रन को 1 अरब डॉलर से अधिक का भुगतान के लिए कहा था। अदालत के मुताबिक, 2021 के 1.2 अरब डॉलर के यूएस टर्म लोन की बड़ी राशि का ट्रेसिंग व खुलासा कराने में रवींद्रन ने सहयोग नहीं किया।
रवींद्रन का कहना है कि अदालत ने उन्हें मामले में बहस के लिए अमेरिकी वकील की व्यवस्था करने हेतु मांगे गए 30 दिन का समय नहीं दिया, इसलिए वे आदेश के विरुद्ध अपील करेंगे। साथ ही, वे GLAS ट्रस्ट और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अलग अमेरिकी अदालत में 2.5 अरब डॉलर के हर्जाने का मुकदमा दाखिल करेंगे। उनके मुताबिक, 533 मिलियन डॉलर की पूरी लेन-देन शृंखला दस्तावेजों में दर्ज है। जिसमें से 479.62 मिलियन डॉलर पहले ऋण प्रदाता ओसीआई से रेवरे कैपिटल, फिर बायजू की संस्थाओं और अंततः थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (TLPL) तक गई। टीएलपीएल ने उसी वर्ष इन धनराशियों का उपयोग आकाश एजुकेशनल सर्विसेज सहित लगभग 3 अरब डॉलर के अधिग्रहणों के लिए किया।