Biz Updates: 2028 तक 20 अरब USD का होगा उपग्रह संचार नेटवर्क बाजार; जेनसोल के खिलाफ जांच 5 माह में पूरी होगी
देश में उपग्रह संचार नेटवर्क (सैटकॉम) के सबसे तेजी से प्रसार होने की संभावना है। 2028 तक इसका बाजार 10 गुना बढ़कर 20 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सैटकॉम स्पेक्ट्रम के मानदंडों पर राय दी है। अब सरकार को सिफारिशों की समीक्षा कर नीति को आगे बढ़ाना है। सिंधिया ने एक कार्यक्रम में कहा, हम इस नीति को जल्द आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। इसलिए, अब जब ट्राई ने अपना कार्य पूरा कर लिया है, तो इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी है। ट्राई ने सैटकॉम स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन के लिए अपने नियम बनाए हैं और कई कंपनियों ने लाइसेंस हासिल किए हैं। मुझे विश्वास है कि उपग्रह नेटवर्क की यह शुरुआत भी आने वाले वर्षों में विश्व में सबसे तेज होगी। एक बार दूरसंचार ऑपरेटरों को अनुमति मिल जाने के बाद वे सेवाओं को दूर-दूर तक पहुंचाएंगे।
जेनसोल के खिलाफ जांच तीन से पांच माह में पूरी होगी
कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय जेनसील इंजीनिषरिंग के खिलाफ जांच तीन से पांच महीने में पूरी कर लेगा। साथ ही, 18 अन्य संबंधित कंपनियों की जांच भी तीन से पांच महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण की प्रमुख रवनीत कौर ने कहा, बाजार नियामक सेबी के बाद वह जेनसोल इंजीनियरिंग के खिलाफ प्रारंभिक जांच कर रही है। जेनसोल इंजीनियरिंग पैसों के गबन और गवर्नेस में गड़बड़ी के कारण जांच के दायरे में है।
देश के ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधि को मापने वाला प्रमुख पैमाना ट्रैक्टर है, जिसकी चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 10 लाख यूनिट की बिक्री की उम्मीद है। बेहतर दक्षिण-पश्चिम मानसून, प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य और गांवों में विकास कार्यक्रमों पर सरकार के खर्च में वृद्धि के कारण यह रिकॉर्ड बनने वाला है। उद्योग के अधिकारियों के अनुसार, जलाशयों के बेहतर स्तर और मजबूत रबी फसल से भी ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों और मांग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आगे ब्याज दरों में और गिरावट की उम्मीद है। ऐसे में किसान इस बार ज्यादा ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में कुल 9,39,713 ट्रैक्टर बिके थे।
हितधारकों के परामर्श के बाद कुछ विद्युत उपकरणों पर अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) के कार्यान्वयन की समय-सीमा एक वर्ष बढ़ाकर मार्च, 2026 कर दी गई है। सरकार ने कहा, क्यूसीओ घरेलू, वाणिज्यिक या ऐसे एप्लिकेशन के लिए सभी विद्युत उपकरणों पर लागू होगा।
हिंडाल्को को मार्च तिमाही में 5,284 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले से यह 66 फीसदी अधिक है। कंपनी ने बताया, पूरे वित्त वर्ष में 16,002 करोड़ का मुनाफा हुआ है। राजस्व 2.38 लाख करोड़ रहा। एक साल पहले यह 2.15 लाख करोड़ रुपये था।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर विभाग यानी सीबीडीटी ने आईटीआर फॉर्म यू (अपडेटेड) को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत चार आकलन वर्षों के आईटीआर को अपडेटेड रूप से भर सकते हैं। पहले यह 24 महीने था। इसे बजट में घोषित किया गया था और यह एक अप्रैल से लागू हो गया है। देय तारीख के पहले साल में भरने पर टैक्स और ब्याज पर 25 फीसदी कर लगेगा। दूसरे साल में 50 फीसदी, तीसरे साल में 60 फीसदी और चौथे साल में 70 फीसदी अतिरिक्त कर देना होगा। इसकी अंतिम तिथि हर साल 31 मार्च होगी।
कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई अप्रैल में मामूली घटकर क्रमशः 3.48 फीसदी एवं 3.53 फीसदी रह गई। मार्च में यह 3.73 फीसदी व 3.86 फीसदी थी। श्रम मंत्रालय ने कहा, कृषि और ग्रामीण मजदूरों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अप्रैल में बढ़ा है।
Indusind Bank: इंडसइंड बैंक को चौथी तिमाही में ₹2329 करोड़ का घाटा
डेरिवेटिव ट्रेड में गलत अकाउंटिंग और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में धोखाधड़ी का बड़ा असर इंडसइंड बैंक के मुनाफे पर देखने को मिला है। बैंक को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 2,329 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। इसकी प्रमुख वजह धोखाधड़ी के लिए अधिक प्रावधान है।
20 साल बाद बैंक को हुआ घाटा
इंडसइंड बैंक को करीब 20 साल बाद पहली बार किसी तिमाही में घाटा हुआ है। इससे पहले 2006-07 की चौथी तिमाही में बैंक को घाटा हुआ था। 2023-24 की चौथी तिमाही में उसे 2,349 करोड़ का मुनाफा हुआ था। बैंक ने चौथी तिमाही के दौरान 2,522 करोड़ का प्रावधान किया है, जो एक साल पहले के 950 करोड़ रुपये के प्रावधान से अधिक है। बैंक की ब्याज आय में 13 फीसदी की गिरावट रही। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 71 फीसदी घटकर 2,576 करोड़ रह गया।