फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Business Updates e-Car export hike cbdt FAST-DS 2026 scheme 31 dec SEBI RBI Forex gold silver crude price news

Biz Updates: म्यूचुअल फंड पंजीकरण प्रक्रिया बदली; इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण के लिए 31 प्रस्तावों को मंजूरी

Mon, 17 Aug 2026 07:22 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 17 Aug 2026 07:22 PM IST
विज्ञापन
Business Updates e-Car export hike cbdt FAST-DS 2026 scheme 31 dec SEBI RBI Forex gold silver crude price news
बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com

विज्ञापन

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 17 अगस्त 2026 को म्यूचुअल फंड के पंजीकरण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नियामक ने एक एकीकृत आवेदन ढांचा पेश किया है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक और अंतिम मंजूरी को सुव्यवस्थित करना है। अब संभावित प्रायोजकों को अपनी वित्तीय मजबूती, स्वामित्व, शासन और नियामक रिकॉर्ड के बारे में विस्तृत खुलासे करने होंगे। यह नया ढांचा सेबी (म्यूचुअल फंड) विनियम, 2026 के तहत आता है, जिसे जुलाई में अधिसूचित किया गया था। वर्तमान में म्यूचुअल फंड के पंजीकरण के लिए दो चरणों में आवेदन प्रक्रिया होती है। इसमें प्रायोजक को सैद्धांतिक मंजूरी और फिर अंतिम पंजीकरण शामिल है। सेबी ने मौजूदा प्रपत्रों को संशोधित कर एक एकल आवेदन प्रपत्र में एकीकृत करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रक्रिया को सरल बनाएगा। प्रस्तावित परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) के लिए भी विस्तृत जानकारी आवश्यक है।

इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण के लिए 31 प्रस्तावों को मंजूरी
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण के लिए 7,877 करोड़ रुपये के निवेश वाले 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने सोमवार को बताया कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना के तहत 7,877 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।

विज्ञापन


कृष्णा के अनुसार, सरकार को 59,350 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले कुल 69,548 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने एलसीना और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "फिलहाल, हमने लगभग 31 आवेदनों को मंजूरी दे दी है, जिन पर इस विशेष सत्र या इस विशेष बैठक में कार्रवाई की गई है, और कुल मिलाकर, जिस निवेश की हम बात कर रहे हैं वह 7,877 करोड़ रुपये है।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वीकृत प्रस्तावों में जीएक्स ग्रुप, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स, एननोवी मोबिलिटी सॉल्यूशंस, एलाइड इंजीनियरिंग वर्क्स, ग्लोब कैपेसिटर्स, सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी, रोसेनबर्गर इंटरकनेक्ट, सेंसटा टेक्नोलॉजीज और ब्रिटानिया आरएफआईडी टेक्नोलॉजीज आदि के प्रस्ताव शामिल हैं। कृष्णा ने कहा कि निवेश की नई किश्त 10 राज्यों में वितरित की जाएगी।

भारत से इलेक्ट्रिक कार निर्यात 18 गुना बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात 18 गुना बढ़कर 36.9 करोड़ डॉलर (करीब 352.81 करोड़ रुपये) हो गया है। एक साल पहले समान तिमाही में यह सिर्फ 2.22 करोड़ डॉलर था। यूरोप भारतीय ई-कारों का सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा। स्पेन 4,000 वाहनों के साथ सबसे बड़ा खरीदार रहा। उसे 14.64 करोड़ डॉलर का निर्यात हुआ। ब्रिटेन को 2,646 ई-वाहन बेचे गए। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, पहली तिमाही में कुल 10,802 इलेक्ट्रिक कारें विदेश भेजी गईं, जबकि एक साल पहले सिर्फ 1,309 वाहनों का निर्यात हुआ था।

करदाता 31 दिसंबर तक दे सकेंगे अघोषित विदेशी संपत्ति की जानकारी; 30% टैक्स के साथ जुर्माना

छोटे करदाताओं की अघोषित विदेशी संपत्तियों और आय को टैक्स के दायरे में लाने के लिए आयकर विभाग ने विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना को अधिसूचित कर दिया है। यह 16 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मुताबिक, पात्र करदाता 31 दिसंबर 2026 तक अपनी अघोषित विदेशी संपत्तियों एवं आय की जानकारी ऑनलाइन दे सकेंगे। इस पर 30 फीसदी टैक्स के साथ इतना ही जुर्माना देना होगा। योजना का प्रस्ताव वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में किया गया था। इससे उन करदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्होंने अपनी विदेशी संपत्ति या विदेशी आय की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी है। छात्र, आईटी पेशेवर और नौकरी करने वाले एनआरआई इसके दायरे में आएंगे। घोषित संपत्ति दोबारा आय में नहीं जोड़ी जाएगी और इस पर काला धन कानून लागू नहीं होगा। पात्रता और संपत्ति के मूल्य के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। पहली श्रेणी में 1 करोड़ और दूसरी श्रेणी में 5 करोड़ रुपये तक की संपत्ति को शामिल किया गया है।

60 फीसदी होगी कुल देनदारी
विदेशी संपत्ति या आय पर 30 फीसदी कर और इतना ही जुर्माना लगाने के बाद कुल देनदारी 60 फीसदी हो जाएगी। संपत्ति का बाजार मूल्य 31 मार्च 2026 के अनुसार तय किया जाएगा। यदि किसी करदाता की अघोषित विदेशी संपत्ति 60 लाख रुपये और आय 20 लाख है तो कुल घोषित राशि 80 लाख रुपये होगी। इस पर 48 लाख रुपये की देनदारी बनेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed