Business Updates: डीजीसीए ने किया फ्लाइट ऑपरेशंस के प्रमुख का अनुबंध समाप्त, कैप्टन श्वेता सिंह को मिला जिम्मा
कैप्टन श्वेता सिंह को मुख्य उड़ान संचालन निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को अपने मुख्य उड़ान संचालन निरीक्षक (सीएफओआई), कैप्टन विवेक छाबड़ा का अनुबंध समाप्त कर दिया। इस संबंध में एक बयान जारी हुआ है। इसमें डीजीसीए ने बताया कि उन्होंने यह फैसला ‘प्रशासनिक आधार पर और जनता के हित में लिया है। सूचना के मुताबिक, अब कैप्टन श्वेता सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि श्वेता सिंह इस विभाग की डिप्टी भी हैं। जारी बयान के अनुसार कैप्टन छाबड़ा मार्च 2021 में डीजीसीए के साथ जुड़े थे। उनका कॉन्ट्रैक्ट जून 2025 तक बढ़ाया भी गया था।
निलंबन से बचने को 30 दिन में बैंक विवरण जमा करें कंपनियां
जीएसटी नेटवर्क ने कहा है कि कंपनियों को निलंबन से बचने के लिए जीएसटी पंजीकरण के 30 दिनों के भीतर जीएसटी अधिकारियों को वैध बैंक खाते का विवरण जमा करना होगा। जीएसटीएन ने कहा, नई कार्यक्षमता विकसित की जा रही है। इसके अनुसार जिन करदाताओं का पंजीकरण बैंक खाते का विवरण जमा न करने के कारण निलंबित कर दिया गया है, उन्हें फॉर्म आरईजी-31 के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। जीएसटीएन ने बुधवार को कहा, ऐसे व्यवसायों को कोई भी जीएसटीआर-1/आईएफएफ दाखिल करने से भी वंचित कर दिया जाएगा। यदि करदाता फॉर्म आरईजी-31 में बैंक खाते का विवरण अपडेट करते हैं, तो निलंबन अपने आप रद्द हो जाएगा। फॉर्म आरईजी-31 जारी होने के 30 दिनों के बाद भी बैंक खाते का विवरण अपडेट नहीं किया जाता है, तो निलंबन के बाद पंजीकरण को कर अधिकारी की ओर से रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाने के तेल की कीमतें घटने से भारत में भी इसकी कीमतें घट सकती हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कंपनियों को सलाह दी है कि जिस तर्ज पर वैश्विक बाजारों में तेल सस्ता हो रहा है, उसी आधार पर देश में भी दामों में कटौती की जाए। साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन के मुताबिक, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने तेल कंपनियों को दाम घटाने को कहा है। हालांकि, इन कंपनियों ने फिलहाल दाम में कटौती में असमर्थता जताई है। इनका कहना है कि अगले महीने से सरसों की कटाई शुरू होगी। नई फसल आने के बाद ही कीमतों में कमी संभव है।
माइक्रोसॉफ्ट ने इतिहास में पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा पार कर लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी जगह बरकरार रखते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी शेयरों का भाव 1.3% बढ़ककर 403.95 डॉलर प्रति शेयर हो गया, जिससे कंपनी का मार्केट कैप 3 ट्रिलियन के पार पहुंच गया। यह उपलब्धि माइक्रोसॉफ्ट की स्थिति को सबसे बड़े सार्वजनिक शेयरों में से एक के रूप में मजबूत करती है।
माइक्रोसॉफ्ट ने सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में कुछ समय के लिए एपल को भी पीछे छोड़ दिया। एपल पिछले साल 3 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल करने वाली पहली कंपनी बन गई थी, फिर आईफोन निर्माता कंपनी के शेयरों के भाव नीचे आ गए थे।