बिजनेस अपडेट्स: रिलायंस लाइफ साइंसेज के संयंत्र में गंभीर उल्लंघनों पर यूएसएफडीए ने दी चेतावनी, जानें सबकुछ
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अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने रिलायंस लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड को एक चेतावनी पत्र जारी किया है। यह पत्र नवी मुंबई स्थित उसकी विनिर्माण इकाई में 'गंभीर उल्लंघनों' के कारण दिया गया है। कंपनी ने तैयार दवा उत्पादों के लिए वर्तमान अच्छी विनिर्माण अभ्यास (सीजीएमपी) विनियमों का पालन नहीं किया। इस कार्रवाई से कंपनी के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।
यूएसएफडीए ने 19 फरवरी से 27 फरवरी, 2026 तक नवी मुंबई के आर-282, टीटीसी एरिया ऑफ एमआईडीसी में स्थित धीरूभाई अंबानी लाइफ साइंसेज सेंटर का निरीक्षण किया था। स्वास्थ्य नियामक ने अपनी जांच में कई महत्वपूर्ण कमियां पाईं। चेतावनी पत्र में यूएसएफडीए ने बताया कि कंपनी प्रयोगशाला रिकॉर्ड में सभी आवश्यक परीक्षणों का पूरा डेटा शामिल करने में विफल रही। यह डेटा निर्धारित विशिष्टताओं और मानकों के अनुपालन के लिए जरूरी होता है।
यूएसएफडीए ने यह भी कहा कि रिलायंस लाइफ साइंसेज कथित तौर पर जीवाणु रहित दवा उत्पादों के सूक्ष्मजैविक संदूषण को रोकने के लिए उचित लिखित प्रक्रियाओं को स्थापित करने और उनका पालन करने में विफल रही। इसमें सभी रोगाणुहीन और बंध्याकरण प्रक्रियाओं का सत्यापन भी शामिल है। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक ने कंपनी से संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात के लिए पेश किए गए सभी दवा उत्पादों पर आयात चेतावनी लगा दी है। यूएसएफडीए ने कंपनी को इन उल्लंघनों के मूल कारणों की जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही भविष्य में निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक और निवारक उपाय लागू करने को कहा है।
धान खरीद का लक्ष्य 708 लाख टन तय
केंद्र ने एक अक्तूबर से शुरू होने वाले 2026-27 के खरीफ विपणन सत्र के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, इस साल 5 अगस्त तक धान की वास्तविक खरीद 720.74 लाख टन तक पहुंच गई थी। वर्ष 2024-25 के पूरे सत्र में 708.85 लाख टन और 2023-24 में 689.56 लाख टन धान की खरीद हुई थी। 31 अगस्त तक धान का रकबा 414.10 लाख हेक्टेयर था।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच राज्यों- उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा के कृषि मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (PM-RKVY) तथा 'कृषोन्नति योजना' (KY) के तहत कुल 1,183.11 करोड़ रुपए की द्वितीय मदर सैंक्शन जारी करने को मंजूरी दी गई। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि में आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में चौहान ने कहा कि किसान हमारे देश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
द्वितीय मदर सैंक्शन योजना, किस राज्य को कितना फंड?
- आंध्र प्रदेश- 409.40 करोड़
- तमिलनाडु- 355.88 करोड़
- ओडिशा- 219.65 करोड़
- उत्तराखंड- 106.67 करोड़
- त्रिपुरा- 91.51 करोड़