Biz Updates: कई राज्यों में देरी से चले चीनी कारखाने, उत्पादन 17% घटा; स्कोडा के वाहन तीन फीसदी तक होंगे महंगे
कई राज्यों में कारखाने देर से चालू होने के कारण अक्तूबर में शुरू मौजूदा विपणन वर्ष में 15 दिसंबर तक चीनी उत्पादन 17 फीसदी घटकर 61.39 लाख टन रह गया। इन आंकड़ों में इथेनॉल निर्माण के लिए चीनी उपयोग की मात्रा शामिल नहीं है।
भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने कहा, इस साल कर्नाटक में चीनी मिलें पिछले साल की तुलना में करीब 7-12 दिन देरी से शुरू हुईं। महाराष्ट्र में चीनी मिलें पिछले साल की तुलना में 15-20 दिन देरी से चालू हुईं। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन 22.11 लाख टन से बढ़कर 23.04 लाख टन हो गया। हालांकि, महाराष्ट्र में उत्पादन 24.45 लाख टन से घटकर 16.78 लाख टन रह गया। इसी तरह, कर्नाटक में चीनी उत्पादन 17.56 लाख टन से कम होकर 13.85 लाख टन रह गया। इस्मा ने कहा, इस साल चीनी का इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल पिछले साल के 21.5 लाख टन से 40 लाख टन अधिक रहने का अनुमान है।
स्कोडा के वाहन तीन फीसदी तक होंगे महंगे
वाहन निर्माता कंपनी स्कोडा की गाडि़यां एक जनवरी से तीन फीसदी तक महंगी हो जाएंगी। कंपनी ने बताया, इनपुट लागत बढ़ने से यह फैसला करना पड़ा है। कीमतें सभी मॉडल पर बढ़ेंगी। टाटा मोटर्स सहित कई कंपनियां भी एक जनवरी से दाम बढ़ाने की घोषणा कर चुकी हैं।
देश में एआई को अपनाने में हैकिंग और साइबर खतरे सबसे बड़ी बाधा
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रति उत्साह बेहद अधिक है, लेकिन इसे अपनाने की राह में कई बड़ी बाधाएं मौजूद हैं। डेलॉय एशिया पैसिफिक ने एक रिपोर्ट में कहा, करीब 92 फीसदी भारतीय प्रौद्योगिकी अधिकारी एआई को अपनाने में हैकिंग व साइबर खतरों सहित सुरक्षा संबंधी विभिन्न चुनौतियों को सबसे बड़ी बाधा मानते हैं। 91 फीसदी ने एआई के इस्तेमाल में संवेदनशील डाटा से जुड़े गोपनीयता जोखिमों को लेकर चिंता जताई है। आधे से अधिक अधिकारी मानते हैं, उनके कार्यस्थल एआई संबंधी जोखिमों से निपटने के लिए तैयार नहीं हैं। यह स्थिति बताती है कि तेजी से बढ़ते एआई के दौर में जोखिम घटाने के लिए मजबूत ढांचे की जरूरत है।
ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र के लिए पांच कंपनियों ने किया आवेदन
देश में ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र स्थापित करने के लिए पांच और कंपनियों ने सरकार के पास आवेदन किया है। इस पर जल्द ही निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने कहा, हमें डीएचएल व लेक्सशिप सहित पांच और आवेदन मिले हैं। इनमें से तीन को हमने अंतिम सूची में रखा है। इनमें से दो केंद्र दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास स्थापित होंगे। अगले वर्ष फरवरी में इनका संचालन शुरू होगा।
अकासा एयर को कारण बताओ नोटिस
विमानों के संचालन से जुड़े नियमों के उल्लंघन मामले में विमानन नियामक डीजीसीए ने अकासा एयर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी ने कहा, नियामक ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं। इस महीने में कंपनी को अब तक दो नोटिस मिल चुके हैं।