Biz Updates: अहमदाबाद दुर्घटना के 166 पीड़ितों के परिवारों को अंतरिम मुआवजा, मेडिक्लेम पर फोरम का फैसला
पिछले महीने अहमदाबाद विमान दुर्घटना के 166 पीड़ितों के परिवारों को अंतरिम मुआवजा सौंप दिया गया है। निजी विमानन कंपनी एअर इंडिया ने शनिवार को यह एलान किया। इसके अलावा, 52 अन्य पीड़ितों के परिवारों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
यह विमान दुर्घटना, जो कि भारत में दशकों में हुई सबसे बुरी हवाई दुर्घटनाओं में से एक है, एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI171 के रूप में संचालित बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से संबंधित थी। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जबकि जमीन पर हताहतों सहित कुल मृतकों की संख्या 260 थी।
14 जून को एयर इंडिया ने घोषणा की कि वह अहमदाबाद विमान दुर्घटना में प्रत्येक मृतक और जीवित बचे व्यक्ति के परिवारों को तत्काल वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए 25 लाख रुपये या लगभग 21,500 GBP का अंतरिम मुआवजा प्रदान करेगी।
एयरलाइन ने बयान में कहा, "एयर इंडिया ने 229 मृत यात्रियों में से 147 के परिवारों को अंतरिम मुआवजा जारी कर दिया है, साथ ही दुर्घटना स्थल पर जान गंवाने वाले 19 लोगों को भी मुआवजा दिया है।" इसके अलावा, 52 अन्य लोगों के अपेक्षित दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया गया है, और परिवारों को अंतरिम मुआवजा क्रमशः जारी किया जाएगा।
टाटा समूह की एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि अंतरिम भुगतान को किसी भी अंतिम मुआवजे के साथ समायोजित किया जाएगा। टाटा समूह ने दुर्घटना पीड़ितों को समर्पित 'एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट' भी पंजीकृत किया है। बयान में एअरलाइन ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में सहयोग देने का भी संकल्प लिया है।
वलसाड: गूगल की लोकेशन का हवाला देकर मेडिक्लेम खारिज किया; उपभोक्ता फोरम ने दी राहत
गुजरात के एक व्यक्ति को उस समय झटका लगा जब एक बीमा कंपनी ने उसका मेडिक्लेम इस आधार पर खारिज कर दिया कि उसकी गूगल टाइमलाइन उस अस्पताल के स्थान से मेल नहीं खाती जहां उसका इलाज हुआ था। सिलवासा के व्यक्ति को वलसाड जिले में उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसने उसके पक्ष में फैसला सुनाया और कंपनी को ब्याज सहित दावे का निपटान करने का निर्देश दिया। हाल ही में उपलब्ध कराए गए 14 जुलाई के अपने आदेश में उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बीजी दवे ने फर्म को आदेश के 30 दिनों के भीतर 48,251 रुपये (मेडिक्लेम राशि) 8 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का निर्देश दिया।
रिपोर्ट में दावा- अमेरिका से वैश्विक पूंजी प्रवाह यूरोप और एशिया की ओर मुड़ा
स्विस निजी बैंकिंग और वित्तीय सेवा फर्म जूलियस बेयर की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भू -राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के नीतिगत पक्षाघात और सुस्त विकास से वैश्विक पूंजी तेजी से यूरोप और एशिया की ओर प्रवाहित हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों की सरकारें विकास-समर्थक राजकोषीय और मौद्रिक नीतियां लागू करके अवसर का लाभ उठा रही हैं, जिससे निवेशकों की रुचि आकर्षित होती है। अस्थिर घरेलू राजनीति और वित्त प्रबंधन की सीमित क्षमता के कारण अमेरिका की सुरक्षित शरणस्थली के रूप में प्रतिष्ठा क्षीण हो रही है।
इसके अतिरिक्त, कंपनियां सतर्क बनी हुई हैं, निवेश और भर्ती में देरी कर रही हैं, जबकि फेडरल रिजर्व द्वारा मामूली ब्याज दरों में कटौती लागू करने की उम्मीद है - जो मजबूत विकास को पुनः गति देने के लिए बहुत कम और बहुत देर से किया गया कदम है।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर, जो कभी संकट के समय एक विश्वसनीय सहारा था, अब संरचनात्मक कमज़ोरी के संकेत दिखा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब स्विस फ़्रैंक जैसी वैकल्पिक सुरक्षित मुद्राओं की ओर रुख कर रहे हैं और अपनी मुद्रा जोखिम को और अधिक सक्रियता से प्रबंधित कर रहे हैं।
भारत-ओमान एफटीए लगभग अंतिम रूप ले चुका, ईयू व अमेरिका से बातचीत जारी: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बताया कि ओमान के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को 'लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है', और यूरोपीय संघ, अमेरिका , पेरू और चिली सहित कई अन्य प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।
गोयल ने कहा, "हम ओमान के साथ उन्नत स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। यह लगभग अंतिम रूप ले चुका है।"
उन्होंने यह भी बताया कि यूरोपीय संघ, अमेरिका, पेरू और चिली के साथ एफटीए भी तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने हाल के वर्षों में विकसित देशों के साथ संपन्न सफल एफटीए की शृंखला की ओर भी इशारा किया, जिसमें मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया और चार देशों का यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए ) ब्लॉक शामिल है, जिसमें स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन और आइसलैंड शामिल हैं।
IDFC फर्स्ट बैंक का मुनाफा बढ़ा
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने शनिवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 32 प्रतिशत घटकर 463 करोड़ रुपये रह गया। सूक्ष्म वित्त खाते में गिरावट के कारण ऐसा हुआ। मुंबई स्थित इस ऋणदाता ने पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 681 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि 2025-26 की जून तिमाही के दौरान कुल आय बढ़कर 11,869 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 25 की इसी तिमाही में 10,408 करोड़ रुपये थी।बैंक द्वारा अर्जित ब्याज वित्त वर्ष 2025 की जून तिमाही के 8,789 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 9,642 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान शुद्ध ब्याज आय भी बढ़कर 4,933 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4,695 करोड़ रुपये थी।