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चार महीने के उच्च स्तर पर देश का व्यापार घाटा, आयात में 15 फीसदी की बढ़ोतरी से चढ़ा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jun 2018 05:27 PM IST
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Crude Oil
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देश का व्यापार घाटा इस साल मई में बढ़कर 14.62 अरब डॉलर हो गया। चार महीने के दौरान यह सर्वाधिक है। मई में व्यापार घाटा बढ़ने की अहम वजह आयात में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी रही। सरकार ने शुक्रवार को दी गई जानकारी में बताया कि मई माह में देश का निर्यात 28.18 फीसदी बढ़कर 28.86 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात 14.85 फीसदी की वृद्धि के साथ 43.48 अरब डॉलर का रहा।
केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने निर्यात व आयात के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि देश का व्यापार घाटा मई में बढ़कर चार माह के उच्च स्तर 14.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मई में देश का आयात 15 फीसदी बढ़ा है, जिससे व्यापार घाटे में भी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि मई में निर्यात 28.18 फीसदी बढ़ कर 28.86 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि आयात 14.85 फीसदी की वृद्धि के साथ 43.48 अरब डॉलर रहा। समीक्षाधीन महीने में व्यापार घाटा 14.62 अरब डॉलर रहा, जो चार महीने का उच्च स्तर है।
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केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने निर्यात व आयात के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि देश का व्यापार घाटा मई में बढ़कर चार माह के उच्च स्तर 14.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मई में देश का आयात 15 फीसदी बढ़ा है, जिससे व्यापार घाटे में भी बढ़ोतरी हुई है।
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उन्होंने बताया कि मई में निर्यात 28.18 फीसदी बढ़ कर 28.86 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि आयात 14.85 फीसदी की वृद्धि के साथ 43.48 अरब डॉलर रहा। समीक्षाधीन महीने में व्यापार घाटा 14.62 अरब डॉलर रहा, जो चार महीने का उच्च स्तर है।
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महंगे कच्चे तेल ने डाला असर
मई, 2017 में व्यापार घाटा 13.84 अरब डॉलर रहा था। मई में कच्चे तेल का आयात 49.46 फीसदी बढ़कर 11.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे इसका आयात भी महंगा हुआ है।
रिजर्व बैंक के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान चालू खाता घाटा 13 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले इसी अवधि में चालू खाता घाटे का स्तर 2.6 अरब डॉलर था। वर्ष 2013 में चालू खाता घाटा देश की जीडीपी के 5 फीसदी से भी ऊपर पहुंच गया था। इससे रुपये की कीमत में बड़ी गिरावट आई थी।
चालू खाता घाटा जीडीपी का 1.9 फीसदी
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 में चालू खाता घाटा 48.7 अरब डॉलर (करीब 3.29 लाख करोड़ रुपये) यानी जीडीपी का 1.9 फीसदी हो गया। व्यापार घाटा बढ़ने से इसमें यह उछाल आया। किसी अवधि में विदेशी मुद्रा में कुल आय और व्यय के अंतर को चालू खाता घाटा कहते हैं।
रिजर्व बैंक के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान चालू खाता घाटा 13 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले इसी अवधि में चालू खाता घाटे का स्तर 2.6 अरब डॉलर था। वर्ष 2013 में चालू खाता घाटा देश की जीडीपी के 5 फीसदी से भी ऊपर पहुंच गया था। इससे रुपये की कीमत में बड़ी गिरावट आई थी।
चालू खाता घाटा जीडीपी का 1.9 फीसदी
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 में चालू खाता घाटा 48.7 अरब डॉलर (करीब 3.29 लाख करोड़ रुपये) यानी जीडीपी का 1.9 फीसदी हो गया। व्यापार घाटा बढ़ने से इसमें यह उछाल आया। किसी अवधि में विदेशी मुद्रा में कुल आय और व्यय के अंतर को चालू खाता घाटा कहते हैं।