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Budget: डीपीआई, यूपीआई और ई-रुपी पर बजट में कैसा रहेगा सरकार का रुख, बाजार को सरकार से बड़ी घोषणा का इंतजार

Tue, 23 Jul 2024 12:01 AM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 23 Jul 2024 12:01 AM IST
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सार
ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर इस बार के बजट में सरकार की ओर से नीतिगत स्पष्टता लाए जाने की उम्मीद है। पिछले कुछ हफ्तों में सरकार के भीतर विभिन्न मंत्रालयों के भीतर इस बारे में विमर्श चल रहा है। उससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस बार के बजट सरकार इस दिशा में कुछ बड़े एलान कर सकती है। ई-रुपये के भविष्य पर भी सरकार इस बार के बजट में नई घोषणा कर सकती है।
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Budget: gov stance on DPI, UPI and e-Rupee in the budget, know expectations
केंद्रीय बजट 2024 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के पास आगामी केंद्रीय बजट से मांगों और अपेक्षाओं की एक लंबी सूची है। यह क्षेत्र बजट में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (डीपीआई) में निवेश, बिजनेस क्रॉसपॉन्डेंस (बीसी) आउटलेट्स के लिए जीएसटी में छूट और यूपीआई भुगतान के लिए शुल्क संरचना की उम्मीद कर रहा है। ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर इस बार के बजट में सरकार की ओर से नीतिगत स्पष्टता लाए जाने की उम्मीद है। पिछले कुछ हफ्तों में सरकार के भीतर विभिन्न मंत्रालयों के भीतर इस बारे में विमर्श चल रहा है। उससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस बार के बजट सरकार इस दिशा में कुछ बड़े एलान कर सकती है। ई-रुपये के भविष्य पर भी सरकार इस बार के बजट में नई घोषणा कर सकती है।

क्रिप्टो मार्केट की उम्मीदें
मुद्रेक्स के सीईओ एदुल पटेल के अनुसार सरकार को 1 फीसदी टीडीएस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो में हुए घाटे से मुनाफे को ऑफसेट कर पाने की सुविधा नहीं होने के कारण लोग इस क्षेत्र में निवेश नहीं कर पा रहे हैं। भारत वेब3 एसोसिएशन के चेयरमैन दिलीप चिनॉय का कहना है कि सरकार को टीडीएस 1 फीसदी से घटाकर 0.01 फीसदी कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय ने बजट से पहले जो बैठक की थी उसमें उन्हें भी बुलाया गया था और उन्होंने यह बात बैठक में भी रखी है।

30 फीसदी टैक्स की समीक्षा होनी चाहिए 
वित्त वर्ष 2022 के बजट में, केंद्रीय वित्त मंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया था। पॉलिसी के अनुसार, ऐसे ट्रांसफर्स से आय की गणना करते समय केवल अधिग्रहण की लागत में कटौती की जा सकती है। इस क्षेत्र के जानकारों के अनुसार सरकार को स्पष्ट, उद्योग-अनुकूल नियमों और कर सुधारों को लागू करना चाहिए। इससे इस उभरते क्षेत्र को बढ़ने और अवसर व राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

वित्तीय क्षेत्र में सरकार को रखना चाहिए यह ध्यान 
स्पाइस मनी के संस्थापक और सीईओ दिलीप मोदी ने कर बोझ और परिचालन लागत को कम करने और फिनटेक कंपनियों के लिए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पेशकश करना आसान बनाने के लिए बीसी आउटलेट के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी छूट का आह्वान किया। उद्योग नए दिशानिर्देशों और उधार प्रथाओं पर स्पष्टता की मांग कर रहा है, और नवाचार का समर्थन करने और डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के उपायों - विशेष रूप से एमएसएमई ऋण देने के लिए।

यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए शुल्क
मुद्रीकरण के अवसर पैदा करने के लिए चरणों में यूपीआई भुगतान के लिए शुल्क की शुरुआत एक प्रमुख मांग है। फाइनैंशल सॉफ्टवेयर ऐंड सिस्टम्स के सीईओ वी बालासुब्रमण्यन ने कहा, 'सरकार को यूपीआई जैसे डिजिटल पेमेंट्स पर चार्ज लगाने पर विचार करना चाहिए, जिससे बैंक मजबूत पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकेंगे और सुरक्षा मानक तैयार कर सकेंगे, जिससे कस्टमर्स को फ्रॉड और साइबर सिक्योरिटी खतरों से बचाते हुए तेज, सरल और सुरक्षित पेमेंट मिल सके।
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