Budget 2022: आम बजट में विलय के बाद रेलवे के लिए हुए ये बड़े एलान, इस बार ये बड़ी उम्मीदें
Budget 2022 Expectations For Railways देश का आम बजट पेश होने का समय नजदीक आ गया है। 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करेंगी। देश के आम करदाताओं के साथ आम और खास हर किसी की निगाहें कोरोना के साये में पेश हो रहे इस बजट पर टिकी हुई हैं। बजट में रेलवे को लेकर भी कई बड़े एलान किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि देशवासियों को रेल बजट को लेकर भी खासा इंतजार रहता है क्योंकि निम्न और मध्यम वर्ग का देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे के साथ गहरा रिश्ता है।
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देश का आम बजट पेश होने का समय नजदीक आ गया है। 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करेंगी।देश के आम करदाताओं के साथ आम और खास हर किसी की निगाहें कोरोना के साये में पेश हो रहे इस बजट पर टिकी हुई हैं। बजट में रेलवे को लेकर भी कई बड़े एलान किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि देशवासियों को रेल बजट को लेकर भी खासा इंतजार रहता है क्योंकि निम्न और मध्यम वर्ग का देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे के साथ गहरा रिश्ता है। गौरतलब है कि 2017 से पहले रेल बजट अगल से पेश होता था, लेकिन मोदी सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए इसका आम बजट में विलय कर दिया।
92 साल बाद रेल बजट का विलय
बता दें कि अंतिम बार 25 फरवरी, 2016 को रेल बजट पुरानी परंपरा के तहत ही अलग से पेश किया गया था। तब सुरेश प्रभु रेल मंत्री थे। उसके बाद 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में ही रेलवे के लिए आवंटन का प्रस्ताव पेश किया था। इसके साथ ही अलग रेल बजट पेश करने की 92 साल पुरानी परंपरा खत्म हो गई थी। दरअसल, 2015 में नीति आयोग की एक कमेटी ने अलग से रेलवे बजट पेश करने को बंद करने की सिफारिश की थी। इसके बाद मोदी सरकार ने यह निर्णय ले लिया।
2017 के बाद हुए ये एलान
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017 में रेलवे के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यह इंडियन रेलवे के एतिहास में सबसे ज्यादा आवंटन था। इसी बजट में आईआरसीटीसी के जरिए टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज बंद करने का भी एलान हुआ था। साल 2018 में रेलवे के लिए आवंटन बढ़ाकर 1.48 लाख करोड़ रुपये किया गया। इस साल वित्त मंत्री ने विश्व-स्तरीय ट्रेन चलाने की भी घोषणा की। साथ ही रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में वाई-फाई और सीसीटीवी शुरू करने का एलान 2018 में हुआ था।
पिछले साल इतना हुआ आवंटन
साल 2019 के रेल बजट में आवंटन बढ़ाकर 1.6 लाख करोड़ रुपये करने के साथ ही रेलवे बोर्ड का आकार घटाने का एलान हुआ। सरकार ने इसके सदस्यों की संख्या 8 से घटाकर 5 करने का फैसला किया। वहीं साल 2020 में वित्त मंत्री ने रेल बजट में तेजस जैसी ट्रेनें चलाने का एलान किया। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों को आंमत्रित किया गया। पिछले साल 2021 के आम बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने रेलवे के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 1.07 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया था। ईस्ट कोस्ट, ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ जैसे रूट के लिए नए डीएफसी कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की गई थी।
इस बार बजट से ये बड़ी उम्मीदें
बजट 2022 में रेलवे के लिए कई बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है। इनमें मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार और नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स शामिल हैं। इसके साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा भी संभव है। इसके अलावा गोल्डन क्वाड्रीलेटरल रूट पर सेमी हाई स्पीड ट्रेन भी चलाने की घोषणा भी की जा सकती है। वहीं बजट में सरकार सभी ट्रेनों से पुराने आईसीएफ कोच को हटाकर नए एलएचबी कोच लगाने का एलान भी कर सकती है।